लखनऊ के चिनहट के शिवपुरी उपकेंद्र में तैनात संविदा लाइनमैन की पोल पर काम करते वक्त करंट लगने से मौत हो गई। लाइनमैन रविवार को दोपहर में शट डाउन लेकर टूटे जम्पर की मरम्मत करने के लिए बिना सुरक्षा उपकरण के पोल पर चढ़ा था। इस बीच अचानक से बिजली चालू हई और करंट लगने से उसकी मौत हो गई।
वह दो घंटे तक लाइन पर चिपका रहा। इंदिरानगर थाने की पुलिस ने लाइन से शव को उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उपखंड अधिकारी रमा शंकर पाल के मुताबिक, शनिवार रात तेज आंधी के कारण जराहरा गांव में गैस गोदाम के पास तकरोही फीडर 11 हजार लाइन का जम्पर टूट गया था।
जिसे ठीक करने के लिए लाइनमैन मोहम्मद नसीर अहमद निवासी सतरिख थाना करौंदी गांव बाराबंकी एक बजे शट डाउन लेकर मौके पर गया था। दोपहर 1:30 बजे वह लाइन पर चढ़ करके काम कर रहा था कि अचानक बिजली चालू हो गई। इससे नसीर गंभीर रुप से झुलसकर लाइन में चिपक गया। नसीर के परिवार में तीन बेटियां अकीला बानो, सायना बानो, सोभना बानो व पत्नी अनीशा बानो है।
एमआरआई से खुलेगा राज
नासीर की मौत का राज एमआरआई (मीटर रीडिंग इंस्पेक्शन) से खुलेगा। अधिशासी अभियंता प्रेमचंद्र के मुताबिक, तकरोही फीडर पर लगे मीटर की जांच की जाएगी। जांच के दौरान यदि ऑपरेटर ने फीडर को चालू किया होगा तो मीटर की रीडिंग से पता चलेगा। फीड बैक ( फीडर से कनेक्ट कनेक्शन के जनरेटर की बिजली) से करंट आया होगा तो फीडर के मीटर पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। घटना के समय उपकेंद्र पर एसएसओ धर्मराज तैनात था। हालांकि इस घटना से उपखंड अधिकारी व अवर अभियंता भी जांच के दायरे में आ गये हैं।
इंदिरानगर थाने में हंगामा, केस दर्ज
मृतक के परिवारीजनों ने 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग को लेकर इंदिरानगर थाने मेें एक्सईएन प्रेमचंद्र, एसडीओ रमा शंकर पाल के समक्ष हंगामा किया और लापरवाहों पर पुलिस केस दर्ज करने की मांग की। घरवालों का आरोप था कि लापरवाही में नसीर की मौत हुई है। उधर, अधीक्षण अभियंता अजय मिश्र ने ठेकेदार के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कराने का आदेश दिया। दरअसल नसीर बिना सुरक्षा उपकरणोें के लाइन पर काम कर रहा था। इस आदेश पर ठेकेदार सहित अन्य पर पुलिस केस दर्ज हो गया है।
परिवार को पांच लाख की आर्थिक मदद
नसीर के परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। धनराशि का चेक मृतक की पत्नी को दे दिया गया है। जबकि रविवार को 15 हजार रुपये नकद देकर आर्थिक सहयोग किया गया है। - अजय मिश्र, अधीक्षण अभियंता सर्किल-2 लेसा ट्रांस गोमती जोन