लखनऊ। अहिबरनपुर उपकेंद्र से जुड़े करीब 40-45 मोहल्लों में एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। हर 20 मिनट में बिजली गुल होने से करीब 75 हजार की आबादी प्रभावित है। बिजलीकर्मियों के मुताबिक, तार बंधी पतंगों और प्रतिबंधित मांझे के कारण बार-बार ये फॉल्ट आ रहे हैं। यही नहीं, 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइनों पर पतंगें गिरने से उपकेंद्र के कंट्रोल रूम में जोरदार धमाके भी हो रहे हैं। इससे आग लगने का खतरा भी बना हुआ है।
उपकेंद्र के पांच फीडर बागशाहजी, पक्कापुल, खदरा, सीवेज पंप और शिवलोक की ओवरहेड लाइनें खुली हैं। इनसे बांसमंडी, मोहन मीकिन रोड, वाल्मीकि कॉलोनी, इरादतनगर, मशालचीटोला, दीनदयालनगर, बंधा रोड और शिवनगर समेत कई इलाकों में बिजली पहुंचती है। कर्मचारियों के अनुसार, सुबह 11 बजे से पतंगबाजी शुरू हो जाती है। पतंग कटकर जब बिजली लाइनों पर गिरती हैं तो शॉर्ट सर्किट जैसे फॉल्ट होते हैं और कंट्रोल रूम में धमाके के साथ आग की लपटें निकलने जैसी स्थिति बनती है। ऐसे में बंद फीडर दोबारा चालू करने में ऑपरेटरों को भी डर लगता है।
बिजली उपकरण हो रहे खराब
बार-बार बिजली आने-जाने और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव से घरों में एलईडी, पंखे, टीवी और सबमर्सिबल पंप तक खराब हो रहे हैं।
Iतार बंधी पतंगों और प्रतिबंधित मांझे के कारण पांचों फीडरों की आपूर्ति एक सप्ताह से लगातार प्रभावित हो रही है। इस संबंध में मदेहगंज पुलिस को शिकायती पत्र सौंपा गया है। इसके बावजूद पतंगबाजी पर रोक नहीं लग पा रही है। I
I
- आरबी वर्मा, जेई, अहिबरनपुर उपकेंद्रI