पावर कॉर्पोरेशन ने बिजली दरों के स्लैब में बदलाव को मंजूरी देते हुए राज्य विद्युत नियामक आयोग से इसके प्रकाशन की अनुमति देने का अनुरोध किया है। इस संबंध में आयोग को भेजे गए पत्र में पावर कॉर्पोरेशन ने दावा किया है कि बिजली दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए स्लैब में परिवर्तन 2019-20 के टैरिफ के आधार पर बिना किसी बढ़ोतरी के दाखिल किया गया है।
वहीं आयोग ने कॉर्पोरेशन की दलील को खारिज करते हुए कहा कि स्लैब परिवर्तन को मंजूरी देने का फैसला उपभोक्ताओं व उपभोक्ता संगठनों की राय जानने के बाद किया जाएगा। आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन को तुरंत नए स्लैब व प्रस्तावित दरों का प्रकाशन कराकर लोगों से आपत्तियां व सुझाव मांगने को कहा है।
इस बीच कॉर्पोरेशन ने वाणिज्यिक श्रेणी में बनाई गई चार किलोवाट भार तक की नई उपश्रेणी में पूर्व में प्रस्तावित फिक्स चार्ज 330 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह के स्थान पर 360 रुपये किए जाने का भी अनुरोध किया है। वहीं नियामक आयोग के इस फैसले से बिजली दरों के नए स्लैब को अनुमोदित कराने की पावर कॉर्पोरेशन की मुहिम को झटका लगा है।
पावर कॉर्पोरेशन की नीयत ठीक नहीं: उपभोक्ता परिषद
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद का कहना है जनसुनवाई से पहले स्लैब परिवर्तन का अनुमोदन कराने की पावर कॉर्पोरेशन की कोशिश से यह साफ है कि उसकी नीयत ठीक नहीं है। पावर कॉर्पोरशन किसी भी तरह बिजली दरें बढ़वाना चाहता है।