बिजली कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सामग्री पर जीएसटी के मद में वसूली गई दोहरी राशि बिजली कंपनियों को वापस करनी पड़ सकती है। नियामक आयोग ने इस मामले को कनेक्शन के लिए वसूली गई ज्यादा राशि की वापसी के आदेश का हिस्सा बना दिया है। आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष और बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को यह आदेश भेज दिया है।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने याचिका में आरोप लगाया था कि कॉस्ट डाटा बुक में सामग्रियों की तय दर जीएसटी के साथ है जबकि बिजली कंपनियों ने फिर से जीएसटी वसूल कर ली। परिषद ने इस मद में 100 करोड़ रुपये वसूली की दावा किया है।
नियामक आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह व सदस्य वीके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने उपभोक्ता परिषद की ओर रखे गए साक्ष्यों के आधार पर डबल जीएसटी वसूली को अपने पूर्व के आदेश का का हिस्सा मान लिया। इसे रिकॉर्ड पर लेते हुए 5 और 6 दिसंबर को होने वाली सुनवाई के लिए बिजली कंपनियों को आदेश भेजा है।