माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। फैज अहमद खान की बेटी की किताबें दो महीने पहले हैदराबाद से लखनऊ पार्सल की है थीं। वह आठ से दस बार जीपीओ के चक्कर लगा चुके हैं। लेकिन न उन्हें किताबें मिली, न ही किताबें कहां हैं, यह पता लग सका है। स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है,ऐसे में बेटी की पढ़ाई बाधित होने से वह नाराज़ हैं।
फैज अहमद शुक्रवार को हजरतगंज स्थित जीपीओ प्रधान डाकघर में आयोजित समाधान दिवस में अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि एक रिश्तेदार से किताबें हैदराबाद से मंगाई थीं। अब उनका पार्सल ट्रैक तक नहीं हो पा रहा है। इतना ही नहीं अफसर कुछ बताने को तैयार नहीं हैं। वह पार्सल की रसीद लेकर घूम रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिटिया की पढ़ाई जैसे तैसे चल रही है। समाधान दिवस में शुक्रवार को दर्जनभर से अधिक आवेदक पहुंचे थे। सुकन्या समृद्धि खातों से लेकर, खाता अपडेट नहीं होने, पार्सल, स्पीड पोस्ट आदि की कई शिकायतें आईं। कइयों का निस्तारण अफसरों में मौके पर कर दी, कई संबंधित डाकघरों को भेजने के लिए रजिस्टर पर नोट कर ली हैं। दरअसल हाल ही में डाक विभाग ने समाधान दिवस की पहल शुरू की है। इससे डाक खाताधारकों को एक मंच मिल गया है, जहां वह अपनी समस्याएं दर्ज करवा पा रहे हैं। शुक्रवार को समाधान दिवस में शिकायतों के निस्तारण के लिए डिप्टी चीफ पोस्टमास्टर प्रथम राजेश कुमार, राजेश कुमार श्रीवास्तव, एसके अवस्थी, अलका गौड़, वीके राय, तपस गौतम, संजय गौड़ ने मोर्चा संभाला।