इसी बिल्डिंग में आग में फंसने से दम घुटने से ़़15 लोगों की गई थी जान।
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लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड में सभी 15 लोगों की मौत दम घुटने के कारण हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने इसका जिक्र किया है। रिपोर्ट के अनुसार मृतकों के शरीर पर ऐसी कोई गंभीर चोट नहीं मिली है, जिसे मौत का कारण माना जा सके। शरीर पर आग में झुलसने या जलने के भी स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले। हालांकि, कई मृतकों के चेहरे और आंखों के आसपास सूजन मिली है। वहीं नाक के अंदर कालिख और धुएं के कण पाए गए हैं। डॉक्टरों ने जांच अधिकारियों को पोस्टमार्टम और मेडिकल परीक्षण के दौरान मिले इन तथ्यों की जानकारी दी है। टीम को बताया गया कि बंद जगह में आग या धुएं की स्थिति बनने पर ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैसों के प्रभाव से दम घुटने से युवक-युवतियां बेहोश हुए थे।
धुआं और जहरीली गैसें रोक देती हैं सांस
आग लगने की घटनाओं में कई बार लपटों से ज्यादा मौत का कारण धुएं में मौजूद जहरीली गैसें बनती हैं। प्लास्टिक, फोम और सिंथेटिक सामान जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन साइनाइड जैसी जहरीली गैसें निकल सकती हैं। कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता को प्रभावित कर बेहोशी और मौत का कारण बन सकती है।