राजाजीपुरम के 65 वर्षीय मरीज माहभर पहले कोरोना पॉजिटिव हुए थे। निजी अस्पताल में दस दिन रहने के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर घर भेज दिया गया। तीसरे दिन उन्हें दोबारा सांस लेने में तकलीफ हुई। निजी सेंटर में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन कोरोना से फेफड़े चोक हो जाने के कारण उनकी मौत हो गई।
केस-2
अलीगंज के 70 वर्षीय बुजुर्ग कोरोना पॉजिटिव हुए। उन्हें किडनी संबंधित बीमारी भी थी। दस दिन बाद रिपोर्ट निगेटिव आई तो उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। हालांकि, कोरोना से किडनी फेल हो गई। डायलिसिस के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
फेफड़े, किडनी जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित कोरोना मरीज अब नॉन कोविड अस्पतालों में भर्ती होंगे। यहां पोस्ट कोविड केयर सेंटर भी शुरू होंगे। कोरोना को हराने वाले ऐसे मरीजों की पूरी देखभाल होगी। संक्रमण से ठीक होने के बाद भी तीन-चार मरीजों की मौत के मामले सामने आने के बाद शासन ने यह निर्णय लिया है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी ने सभी नॉन कोविड अस्पतालों को आदेश भेजा है। यहां पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।