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पीएफआई की गतिविधियों के खंगाले जा रहे साक्ष्य, लग सकता है प्रतिबंध

Sun, 29 Dec 2019 11:04 AM IST
शाहरुख खान ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
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फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदेश में हुए हिंसक प्रदर्शन में कुछ जिलों में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्यों के हाथ सामने आने के बाद इस संगठन पर प्रतिबंध की आवाज उठने लगी है। हालांकि पुलिस अभी पीएफआई की देश विरोधी गतिविधियों और अन्य जिलों में हुई हिंसा में शामिल होने के साक्ष्य जुटा रही है।
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सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के कई जिलों में पीएफआई के लोगों के हाथ होने के सुबूत मिले हैं। लखनऊ पुलिस ने भी ऐसे तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनका संबंध पीएफआई से था। इसमें से एक वसीम अहमद पीएफआई का प्रदेश अध्यक्ष है। 

शामली में भी पीएफआई से जुड़े 14 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके अलावा भी प्रदेश के कई और जिलों में भी पीएफआई के कुछ पोस्टर भी मिले हैं, जिनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीएफआई जैसा संगठन यूपी के अलावा भी कई राज्यों में सक्रिय है। इस पर प्रतिबंध केंद्र सरकार लगा सकती है। फिलहाल पीएफआई की यूपी में जो भी गतिविधियां हैं उनकी पड़ताल की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जरूरत हुई तो उक्त संगठन पर प्रतिबंध के लिए केंद्र को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधित संगठन सिमी पर प्रतिबंध के बाद उसके कई सदस्य पीएफआई में शामिल हो गए। पुलिस की ओर से दावा यह भी कि जा रहा है कि पिछले कई महीनों से यह संगठन प्रदेश में बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने के फिराक में था।

 
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