गरीबों को छोटे मकान अब सब्सिडी पर दिए जाएंगे। मकान लेने के एवज में दिए गए पांच लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज पर पांच प्रतिशत छूट दी जाएगी।
इसके अलावा 15 से 20 साल में आसान किस्तों में कर्ज अदा करने की सुविधा होगी।
इस योजना का लाभ केवल ईडब्ल्यूएस और एलआईजी मकान लेने पर ही मिलेगा। गरीबों को यह लोन राजीव ऋण योजना के तहत दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की अक्तूबर 2013 में शुरू की गई इस योजना को अब यूपी में प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी है।
आवास विभाग ने इस संबंध में विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद को इस संबंध में दिशा-निर्देश भेज दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में सरकारी हो या निजी आवासीय योजनाओं में गरीबों के लिए 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस और इतना ही एलआईजी मकान बनाना पूर्व में ही अनिवार्य किया जा चुका है।
पर स्थिति यह है कि मकान बनने के बाद इसे लेने वालों के पास पैसे तक नहीं हो पाते हैं।
इसलिए आवास विभाग चाहता है कि राजीव ऋण योजना के तहत पात्रों को लोन दिया जाए, ताकि वे मकान ले सकें।
आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय भारत सरकार ने शहरी क्षेत्रों में ईडब्ल्यूएस व एलआईजी मकान के लिए ब्याज सब्सिडी योजना शुरू की गई है।
इस योजना में ईडब्ल्यूएस व एलआईजी मकान के लिए स्वीकृत ऋण पर 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
इस योजना में आठ लाख रुपये तक ऋण दिया जाएगा, लेकिन ब्याज पर पांच प्रतिशत की सब्सिडी केवल पांच लाख रुपये तक के ऋण पर ही दी जाएगी।
कौन होगा पात्र
राजीय ऋण योजना के लिए ईडब्ल्यूएस व एलआईजी मकान सरकारी या फिर निजी विकासकर्ताओं से लेने वाले पात्र होंगे।
ईडब्ल्यूएस के लिए एक लाख सालाना और एलआईजी के लिए एक से दो लाख रुपये सालाना आय वाले पात्र होंगे।
शर्त यह होगी कि ऋण लेने वाले व्यक्ति के पास अपने या फिर पत्नी के नाम पर कोई भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
पक्का मकान होने की स्थिति में ऋण स्वीकृत नहीं किया जाएगा और ऐसे आवेदन को खारिज कर दिया जाएगा।
कैंप लगाकर देंगे ऋण
राजीव ऋण योजना के तहत पात्रों को ऋण देने के लिए आवास विकास परिषद और विकास प्राधिकरणों में कैंप लगाए जाएंगे। निजी विकासकर्ता अपनी योजनाओं में भी कैंप लगवाएंगे।
अनुसूचित वाणिज्यक बैंक और आवास वित्त कंपनियां जिन्हें सामूहिक रूप से प्रमुख ऋणदाता संस्थान या पीएलआई कहा है केंद्रीय नोडल एजेंसी हडको और एनएचबी के साथ समझौता करते हुए पात्रों को ऋण दिलाया जाएगा।