रायबरेली में डूडा के अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी का नतीजा है कि नगर पंचायत महराजगंज के एक गरीब को प्रधानमंत्री आवास की सुविधा न मिलने के बाद भी भारत सरकार से बधाईपत्र मिल गया।
बधाई पत्र में बाकायदा उसके आवास की फोटो भी लगी है, लेकिन अब तक उसे पीएम आवास के लिए पहली किस्त तक नसीब नहीं हुई है। बधाई पत्र मिलने के बाद गरीब बेहद परेशान है। उसको आशंका है कि उसके नाम पर डूडा ने फर्जी आवास बनवाकर उसे बधाईपत्र भेजवा दिया है।
महराजगंज कस्बे के वार्ड नंबर चार रुद्रनगर के रहने वाले हीरालाल पासी पुत्र रामदयाल के पास रहने के लिए जर्जर मकान है। हीरालाल के मुताबिक जब से प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना चली है, तभी से उसने भी आवास के लिए आवेदन किया। दर्जनों बार जांच हुई।
उससे कहीं ज्यादा अच्छी स्थिति वाले मकानों के लोगों को इस योजना के लिए पात्र घोषित कर पैसा दिया गया। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी से लेकर डूडा के परियोजना अधिकारी तक पीएम आवास के लिए गुहार लगाने के बाद भी आवास नहीं मिला।