लखनऊ। अच्छा शरीर बनाने की चाह में जिम में ज्यादा वर्कआउट व क्षमता से अधिक वजन उठाना कमर और पीठ दर्द की समस्या बन रहा है। केजीएमयू के आर्थोपेडिक सर्जरी विभाग की ओपीडी में आने वाले 70 फीसदी मरीजों की समस्या खराब जीवन शैली से संबंधित है। वहीं, बुजुर्गों में रीढ़ संबंधी समस्या की सबसे बड़ी वजह ऑस्टियोपोरोसिस है।
केजीएयमू के डॉ. शाह वलीउल्लाह ने बताया कि 16 अक्तूबर को विश्व रीढ़ दिवस मनाया जाता है। इसका मकसद लोगों को जागरूक करना है। बताया कि आगे झुककर ज्यादा वजन उठाना और जिम में क्षमता से अधिक भार उठाना कमर व पीठ दर्द की स्थायी समस्या दे रहा है। ओपीडी में आने वाले तीन सौ मरीजों में से करीब दो सौ की वजह खराब जीवन शैली होती है।
इनमें से ज्यादातर युवा भी होते हैं। शुरुआती स्टेज में इन मरीजों को दवाओं तथा व्यायाम से इलाज मिल जाता है। समस्या बढ़ने पर इलाज मुश्किल होता है। डॉ. मयंक महेंद्र ने बताया कि हड्डियों में टीबी भी रीढ़ संबंधी समस्याओं की वजह बनती है। हर ओपीडी में इस तरह से आठ से दस मरीज आते हैं।
डॉ. वलीउल्लाह ने बताया कि अगर वयस्क की लंबाई कम होने लगे, सांस लेने में समस्या हो और कमर दर्द करे तो यह ऑस्टियोपोरोसिस की वजह से हो सकता है। ऑस्टियोपोरोसिस की वजह से हड्डी कमजोर हो जाती हैं और मामूली चोट लगने पर भी उनका चूरा बन जाता है। जांच के बाद यह दवाओं से ठीक हो सकता है।
हड्डी रोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. आशीष कुमार ने बताया कि अब जन्मजात कूबड़ और टेढ़ी हड्डियों का इलाज संभव है। सर्जरी के बाद व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।