लखनऊ। पॉलीटेक्निक संस्थानों में संचालित डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा का परिणाम 20 जून को जारी किया जाएगा। इसके बाद 29 जून से प्रवेश काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद (पॉलीटेक्निक) ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि प्रस्तावित प्रवेश काउंसिलिंग पांच चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में पंजीकरण, दूसरे में संस्थान का चयन, तीसरे में परिणाम जारी किया जाएगा, जबकि चौथे चरण में सीट आवंटन और पांचवें चरण में संबंधित संस्थानों में अभिलेखों की जांच होगी।
परिषद के अनुसार प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों के लिए पॉलीटेक्निक संस्थानों में प्रवेश की पर्याप्त संभावना है। काउंसिलिंग के पहले चरण में राजकीय, एडेड और पीपीपी मॉडल संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया कराए जाने की तैयारी है। परिणाम घोषित होने के बाद परिषद विस्तृत कार्यक्रम जारी करेगी।
1.19 लाख सीटों के लिए 1.67 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में हुए शामिल
प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों में डिप्लोमा इंजीनियरिंग की कुल 1.19 लाख सीटों पर प्रवेश होना है, जिनमें 42 हजार सीटें सरकारी संस्थानों की हैं। प्रवेश परीक्षा के लिए कुल 2,07,229 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,67,921 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। वहीं लेटरल एंट्री के तहत प्रवेश के लिए 10,741 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परिषद के आंकड़ों के अनुसार डिप्लोमा इंजीनियरिंग की प्रत्येक पांच सीटों पर करीब सात अभ्यर्थियों ने दावेदारी पेश की है।
फार्मेसी में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग जुलाई में
सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की काउंसिलिंग के बाद जुलाई में फार्मेसी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फार्मेसी के दोनों ग्रुपों में प्रवेश परीक्षा के लिए 1,64,312 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1,29,977 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।