पॉलीटेक्निक प्रवेश काउंसिलिंग की तीन चरणों की प्रक्रिया समाप्त हो गई है लेकिन, अभी भी केवल 30 फीसदी सीटों पर ही प्रवेश हुआ है। खाली 70 फीसदी सीटों पर दाखिले के लिए सोमवार से चौथे चरण की प्रवेश काउंसिलिंग शुरू की गई।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव संजीव कुमार ने बताया कि राजकीय, अनुदानित, पीपीपी मॉडल व निजी पॉलीटेक्निक संस्थानों में डिप्लोमा इंजीनियरिंग की कुल 1,48,534 सीटों पर प्रवेश होना है। तीन चरण की प्रक्रिया में 45,577 सीटों पर प्रवेश, जबकि रिक्त 10,2,957 सीटों पर प्रवेश बाकी है।
चौथे चरण में बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों को प्रवेश का मौका दिया गया है। साथ ही जिन अभ्यर्थियों ने संबंधित संस्थान व सीट आवंटन कर लिया था लेकिन, शुल्क नहीं जमा किया उन्हें भी इस चरण में मौका दिया जाएगा। 30 जुलाई तक सीट आवंटन का समय निर्धारित है। 31 जुलाई तक सीट अलाॅटमेंट और एक से तीन अगस्त तक दस्तावेज की जांच होगी।