भीड़ ने पाकिस्तान जिंदाबाद कहा हो तो भी और न कहा हो तो भी, किसी भी पुलिस अफसर को इस प्रकार की भाषा और बयान से बचना चाहिए। हम पुलिसजनों को ऐसी ही परिस्थितियों को झेलने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। हम कोई गिरोह नहीं हैं।
जनता की तरह भीड़ और भावनाओं में बह जाने की अपेक्षा हमसे न तो विभाग करता है और न ही सरकार न ही कानून और न ही खुद जनता। पाकिस्तान से अगर नफरत है तो उसे कब्जा कर लीजिए। तोड़ दीजिए। कुछ नेता व मंत्री तो 2014 के बाद से ही जब जिसे चाहते हैं, उसे पाकिस्तान भेज ही रहे हैं। यह बयान जहां नेताओं के लिए राजनीतिक लाभ और कुछ के लिए संतोष देगा, वहीं हम पुलिसजन के लिए आपत्तिजनक माना जाएगा।