भाजपा की प्रदेश टीम में हाल में ही पदाधिकारी बनाए गए एक नेता की तेजी ने बड़े-बड़ों को परेशान कर दिया है।
छात्र राजनीति से पार्टी पॉलिटिक्स में आए ये जनाब राजधानी की घटनाओं से लेकर सूबे की सियासी हलचलों पर इतनी तेजी से बयान जारी क र देते हैं कि पार्टी के दूसरे नेता हक्के-बक्के रह जाते हैं।
पर, करें भी तो क्या। बेचारे! मन मसोसकर रह जा रहे हैं। कुछ बोलें तो दूसरों से खिल्ली उड़ने का डर और न बोलें तो अपने वजूद पर संकट।