बड़े मियां तो बड़े मियां हैं उनके क्या कहने। उन्होंने अपना पूरा जीवन एक राष्ट्रीय पार्टी की सेवा में लगा दिया।
हालांकि पार्टी की तरफ से उन्हें कभी कोई प्रसाद नहीं मिला। यूं तो प्रसाद का लालच किये बगैर वे जीवन भर लगे ही रहे। लेकिन जब भी पार्टी में कुछ गलत होता है उन्हें बहुत दर्द होता है।
अब उन्होंने राष्ट्रीय पार्टी की राजनीति व उसके निर्णयों में कहां-कहां चूक हुई इस पर एक किताब लिख डाली है। यह किताब इन दिनों खासी चर्चा में है। इसमें कई ऐसी बातें लिखी हैं जो सीधे बड़े नेताओं को चोट कर रही हैं।
बड़े मियां के छोटे मियां भी इसी पार्टी की राजनीति करते हैं। पार्टी में उन्होंने अपना ठीक-ठाक स्थान भी बना लिया है। लेकिन छोटे मियां की मुसीबत इन दिनों बड़े मियां की यही किताब बढ़ा रही है।
छोटे मियां के विरोधी पार्टी के बड़े नेताओं के पास बड़े मियां की किताब पेश कर दे रहे हैं।
अब छोटे मियां को भी अपने कॅरियर की चिंता हुई लिहाजा उन्होंने बड़े मियां के बयानों का ही खंडन कर दिया। उन्हें एक बयान जारी कर कहना पड़ा कि वे बड़े मियां के राजनीतिक विचारों से सहमत नहीं हैं।