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यूपी में सपा का 'द ग्रेट फैमिली शो', पूरे दिन चला ड्रॉमा

Sat, 17 Sep 2016 10:24 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदर्शन करते मुख्यमंत्री अखिलेश के समर्थक - फोटो : amar ujala
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सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की कोशिशों के बाद पारिवारिक कलह शांत होने के साथ ही पूरे दिन सपाइयों का पॉलिटिकल ड्रॉमा चलता रहा। शिवपाल यादव को उनके सभी विभाग वापस करने के साथ ही गायत्री प्रजा‌पति के कैबिनेट में वापसी की जानकारी कल शुक्रवार को ही दे दी गई थी।
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इसके बाद शनिवार दोपहर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व शिवपाल यादव के समर्थक आमने-सामने आ गए और अखिलेश की 'सम्मान' वापसी की मांग करने लगे। कार्यकर्ताओं ने शिवपाल को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष घोषित किए जाने से नाराजगी जताई और उनके नेतृत्व में काम करने से मना किया।

कार्यकर्ताओं का कहना था ‌कि जिस पर शिवपाल को विभाग वापस दिए गए वैसे ही अखिलेश को भी प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए। माहौल शांत करने की कोशिश में सीएम ने खुद अपील की कि नेताजी को परेशान न किया जाए, शिवपाल ही प्रदेश अध्यक्ष रहेंगे और वह उन्हें पूरा सहयोग करेंगे।
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शन‌िवार सुबह से सपा कार्यालय के बाहर एक ओर ‘अ‌ख‌िलेश भइया ज‌िंदाबाद’ के नारे लगे वहीं दूसरे ओर श‌िवपाल के समर्थकों ने भी नारेबाजी की। नौबत मारपीट तक आ गई।

अखिलेश समर्थकों ने की शिवपाल को घेरने की कोशिश

इस बीच मुलायम स‌िंह से म‌िलने जा रहे श‌िवपाल यादव को युवा कार्यकर्ताओं ने घेरने की कोश‌िश की। सुरक्षाकर्म‌ियों से समर्थकों की जमकर धक्का-मुक्की हुई और श‌िवपाल को वहां से न‌िकाला गया।

कुछ समर्थक मुलायम स‌िंह का घर घेरने पहुंच गए ज‌िन्हें सुरक्षाक‌र्म‌ियों ने रोका तो उनके बीच तीखी झड़प हुई। हंगामा बढते देख मुलायम ने मुख्यमंत्री को फोन करके समर्थकों के बवाल की जानकारी दी।

सीएम ने सभी कार्यकर्ताओं को अपने आवास पर म‌िलने बुलाया और श‌िवपाल यादव के अध्यक्ष पद पर रहने की घोषणा कर दी वह खुद सांसद पत्नी ‌डिंपल यादव के साथ श‌िवपाल यादव के घर लंच पर पहुंचे।

इस दौरान प्रदर्शन कर रहे अखिलेश समर्थकों ने नेताजी से अपील की कि अखिलेश को अध्यक्ष बनाएं। वहीं, मुलायम ने भी पार्टी कार्यालय में समर्थकों को सम्बोधित किया और कहा कि ऐसे समय जब भाजपा अपने बूथ मजबूत कर रही है, हम आपस में लड़ रहे हैं। उनके सम्बोधन के दौरान भी अखिलेश समर्थकों ने नारे बाजी की। जिस पर मुलायम बिफर पड़े और उन्हें बुरी तरह डांटा।
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अमर सिंह के पोस्टर पर उतारा गुस्सा

अखिलेश समर्थकों ने अमर सिंह के प्रति भी गुस्सा ‌जाहिर किया। उनका कहना था कि इस पारिवारिक महाभारत के पीछे यही शख्स है। उन्होंने अमर सिंह का पोस्टर लेकर उसे जूते-चप्पल से पीट अपना गुस्सा उतारा।

गौरतलब है कि शुक्रवार को एक चैनल को इंटरव्यू देते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश ने भी परोक्ष तौर पर यह स्पष्ट कर दिया था कि वह अमर सिंह को 'अंकल' नहीं कहेंगे। इसके पहले शिवपाल से विभाग वापस लेने के बाद भी अखिलेश ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि 'बाहरी' लोगों का दखल रहेगा तो पार्टी कैसे चलेगी। अखिलेश समर्थक अमर सिंह को पार्टी से बाहर करने की मांग कर रहे थे।

अखिलेश के समर्थन में युवाजन सभा, लोहियावाहिनी, मुलायम ब्रिगेड और छात्रसभा के कार्यकर्ता हैं। हालांकि, अखिलेश ने यह स्पष्ट कर दिया कि टिकट बंटवारे में उनकी सुनी जाएगी। अखिलेश ने  पहले ये मांग करते हुए कहा था कि अध्यक्ष भले ही न बनाया जाए पर टिकट बांटने का अधिकार मुझे मिले, क्योंकि आगामी चुनाव में सिर्फ मेरी भी कड़ी परीक्षा होगी।

शाम होते-होते पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक में बड़े बदलाव के संकेत दिए गए। लंबे समय से प्रवक्ता पद पर बने राजेंद्र यादव को हटाया जा सकता है जबकि प्रमुख महासचिव के पद से अरविंद सिंह गोप को हटाकर ये पद कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश को दिया जा सकता है।
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