मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अधिकारी उद्योगों की स्थापना के लिए पूरी रुचि लेकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिए नीति का सरलीकरण किया गया है। आवश्यकता इस बात की है कि निवेशकों को सभी सुविधाएं सुलभ कराई जाएं। उद्योगों की स्थापना के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहन दिए जाएं।
मुख्यमंत्री मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में औद्योगिक निवेश का विशेष महत्व है। इससे जहां एक तरफ विकास होता है, दूसरी तरफ लोगों को रोजगार भी मिलता है। ऐेसे में उद्योगों की स्थापना के लिए रुचि से काम किए जाने की जरूरत है।
बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी, औद्योगिक एवं अवस्थापना आयुक्त आलोक टंडन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
गोआश्रय स्थलों को बनाएं आय का केंद्र
मुख्यमंत्री ने गोआश्रय स्थलों को आय का केंद्र बनाने का निर्देश दिया है। इसके लिए किसानों को सीएनजी उत्पादन, गोबर के दीप निर्माण तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने धान क्रय केन्द्रों पर किसानों को सभी सुविधाएं मुहैया कराने और समय से भुगतान कराने को कहा है। योगी ने कहा कि प्रगतिशील किसान भी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसलिए उन्हें प्रगतिशील खेती के लिये प्रेरित किया जाए। उन्होंने नगर विकास विभाग को अमृत मिशन तथा स्मार्ट सिटी योजनाओं की समीक्षा करने तथा इससे जुड़े विकास कार्य पूरी गुणवत्ता व समयबद्धता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया है।