इंकार पर पुलिसकर्मियों ने उसे जेल भेजने व बाइक सीज करने की धमकी दी। शिखर ने बताया कि उसके पिता भी पुलिस विभाग में हैं लेकिन उसकी एक न सुनी गई। पिता से बात कराने के लिए फोन मिलाया पर पुलिसकर्मियों ने मना कर दिया। इसके बाद शिखर ने बाइक वहीं छोड़ दी और वहां से पैदल घर जाने लगा।
शिखर का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया और थप्पड़ मारे। सड़क पर घसीटा गया। सड़क पर हंगामा मचा तो आसपास के लोग एकत्र हो गए। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे छोड़कर भाग गए। शिखर ने बताया कि एक पुलिसकर्मी का नाम राम मोहन शुक्ला था जबकि दूसरा ओम शर्मा था।