रायबरेली। सराफा व्यवसायी हत्याकांड में उलझी रही पुलिस ऊंचाहार कोतवाली में तैनात रहे सिपाही श्रद्धांजलि भी नहीं दे सकी। विभाग अपने सिपाही को अंतिम सलामी भी नहीं दे पाया और मृतक सिपाही के भाई शव लेकर घर चले गए। इससे पुलिसकर्मी खासे आहत हैं।
दरअसल औरैया जिले के कोतवाली नगर बनारसीदास का रहने वाले उपेंद्र कुमार पुत्र राम नारायन 2021 बैच के सिपाही थे। लगभग दो वर्ष पहले उनकी तैनाती ऊंचाहार कोतवाली में हुई थी। वह नगर के गायत्री नगर मोहल्ले में किराये के मकान में रहते थे। शुक्रवार को पत्नी संतोषी ने घर में खुकखुशी कर ली और इससे आहत होकर सिपाही ने भी आत्महत्या कर ली। इसी घटना के दौरान सराफा व्यवसायी के अपहरण होने के मामले में पुलिस छानबीन कर रही थी। जिस कारण पुलिस के अफसर व कर्मी सिपाही की मौत के मामले में ध्यान नहीं दे सके।
शनिवार को जिला मुख्यालय पर उनको सलामी के साथ अंतिम विदाई दी जानी थी, लेकिन सराफा व्यवसायी की हत्या के चलते कुछ भी नहीं हुआ। हत्यारों को खोजने व व्यापारियों के हंगामे को रोकने में आलाधिकारी व्यस्त रहे और बिना श्रद्धांजलि के ही सिपाही का शव उनके भाई को सुपुर्द कर दिया गया।