लखनऊ। मलिहाबाद के कसमंडी कलां में विवादित ढांचे को लेकर सोमवार को फिर से हंगामा शुरू हो गया। लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी सैकड़ों समर्थकों के साथ दोपहर में पहुंच गए। वह 108 गांवों से पवित्र मिट्टी और जल लेकर आए थे। सभी लोग विवादित ढांचे में जलाभिषेक करने की मांग करने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस और पीएसी मुस्तैद रही।
पुलिस ने ढांचे से 200 मीटर पहले बैरिकेडिंग लगाकर सभी को रोक लिया। इससे नाराज सूरज पासी और उनके समर्थक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। एसीपी मलिहाबाद ज्ञानेंद्र सिंह ने काफी देर तक समझाने की कोशिश की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी को भी भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके बाद सूरज पासी ने ढांचे के सामने ही सांकेतिक जलाभिषेक किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले हंगामे के बाद वह समर्थकों के साथ लौट गए।
सूरज पासी ने कहा कि 11वीं शताब्दी के नागवंशी शासक महाराजा कंसा पासी के ऐतिहासिक किला और प्राचीन शिव मंदिर को हर हाल में वापस लेंगे। हमें पूरे पासी समाज को एक करना है। इसके लिए वह बड़ा से बड़ा आंदोलन करेंगे। एसीपी ने कहा कि माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
21 मई को गरमाया था मुद्दा
लाखन आर्मी ने 21 मई को डीएम को ज्ञापन देकर विवादित ढांचे का मुद्दा उठाया था। साथ ही विवादित ढांचे में पहुंचकर दीवारों पर प्राचीन हिंदू स्थापित कलाकृतियां अंकित होने का दावा किया था। पासी समाज ने कार्बन डेटिंग की भी मांग की थी। इसके बाद विवादित ढांचों में हो रही नमाज पर रोक लगा दी गई थी। कुछ दिनों बाद योगेश पासी ने विवादित ढांचे में हनुमान चालीसा पढ़ने की कोशिश की थी। साथ ही 27 मई को ढांचे के पास सूरज पासी ने धरना दिया था।
रविवार रात से ही मुस्तैद थी पुलिस
पुलिस को सूचना मिली थी कि पासी समाज के लोग ढांचे में जल चढ़ाने आएंगे। इस कारण रविवार रात से ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। रात 12 बजे से ढांचे के चारों तरफ पुलिसकर्मी मुस्तैद थे। आशंका थी कि रात में भी कोई व्यक्ति जल चढ़ाने की कोशिश कर सकता है। इस कारण ढांचे के चारों तरफ खेतों और बागों में भी पुलिस का पहरा था।
फिलहाल किसी को नहीं मिलेगा प्रवेश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस स्थान को लेकर विवाद है, उसकी स्थिति पर अभी तक अंतिम प्रशासनिक फैसला नहीं हुआ है। जब तक सक्षम स्तर से स्पष्ट आदेश जारी नहीं होते, तब तक वहां किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि या प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी वजह से सुरक्षा व्यवस्था को सख्त रखा गया है।