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पिकप भवन अग्निकांड की जांच शुरू, कमेटी ने चश्मदीदों के लिए बयान

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पिकप भवन अग्निकांड : कमेटी ने लिए चश्मदीदों के बयान, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट ही कारण
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बुधवार रात लगी आग में राख हो गई थीं कई विभागों की अहम फाइलें
विभूतिखंड इलाके में स्थित पिकप भवन में बुधवार देर शाम अग्निकांड के कारणों की बृहस्पतिवार को जांच शुरू हो गई। तीन सदस्यीय विशेष कमेटी ने चश्मदीदों और अन्य लोगों के बयान दर्ज कराए। शुरुआती पड़ताल में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। कमेटी को 48 घंटे में शासन को रिपोर्ट भेजनी है। पुलिस व अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दूसरी और तीसरी मंजिल पर ही सबसे अधिक नुकसान हुआ है। वहीं, वित्त एवं लेखा विभाग के वार्षिक ऑडिट से पहले महत्वपूर्ण विभागों में आग लगने के पीछे साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
बुधवार देर शाम 7.15 बजे प्रादेशिक औघोगिक और निवेश निगम (पिकप) में हुए अग्निकांड की चपेट में वित्त एवं लेखा विभाग, जैव विविधता बोर्ड पूर्वी, एड्स कंट्रोल बोर्ड तथा इनकम टैक्स विभाग के दफ्तर भी आए थे। पड़ताल में सामने आया कि पिकप और वित्त एवं लेखा विभाग को छोड़ दूसरे कार्यालयों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। मामूली तौर पर कुछ फाइलें व फर्नीचर ही जले मिले। अग्निशमन अधिकारियों ने भी दूसरे तल पर स्थित लेखा और तीसरे तल पर बने वित्त एवं लेखा विभाग में ही ज्यादा नुकसान होने की रिपोर्ट तैयार की है। इसमें कंप्यूटर, फाइलें और फर्नीचर जलने की बात कही गई है। आग से नुकसान पर कोई अधिकारी बात करने को तैयार नहीं था। वहीं, कर्मचारी ऑडिट टीम के आने से पहले लेखा और वित्त विभाग में आग लगने को लेकर बातें करते दिखे।
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फॉरेसिंक टीम ने की दो घंटे जांच
अग्निकांड के कारणों की जांच को विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को भी बुलाया गया। दोपहर दो बजे पहुंची टीम ने आग से प्रभावित सभी तलों का जायजा लिया। करीब दो घंटे तक रही टीम ने वित्त एवं लेखा और प्रादेशिक औद्योगिक विकास के कार्यालय से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। टीम के मुताबिक जांच रिपोर्ट जल्द सुपुर्द कर दी जाएगी। पहली नजर में आग शार्ट सर्किट से लगने की आशंका है। हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दोनों तलों को किया गया सील
पिकप भवन की दूसरी व तीसरी मंजिल को सील कर दिया गया है। दोपहर 12 बजे विशेष जांच टीम यहां पहुंची। इसमें एडीजी इंटेलीजेंस एसपी शिरोडकर, यूपीएसआईडीसी के संयुक्त प्रबंधन निदेशक पीएन पांडेय व मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय कुमार सिंह थे। इन्होंने चश्मदीदों से बातचीत करने के साथ कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के बयान दर्ज किए। इसके बाद टीम सिग्नेचर बिल्डिंग पहुंची, जहां देर रात तक विभागों के जिम्मेदारों के बयान दर्ज किए गए।
औद्योगिक विकास के उच्चाधिकारी भी पहुंचे
प्रादेशिक औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारी भी बृहस्पतिवार को पहुंचे। इन्होंने दूसरे व तीसरे मंजिल के कार्यालयों का हाल देखा। वहीं, अधिकारियों के निर्देशन में पूरे दिन पिकप भवन की सफाई होती रही। हालांकि उच्चाधिकारियों को छोड़कर दोनों तलों पर किसी को जाने नहीं दिया गया। विभागीय अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि नुकसान की सूची तैयार करें, ताकि इसे शासन को भेजा जा सके।
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रुक-रुक कर सुलगते रहे दस्तावेज
गोमतीनगर फायर स्टेशन ऑफिसर मदन सिंह के मुताबिक पिकप भवन में लगी आग को बुधवार देर रात को काबू कर लिया गया। इसके बाद भी रात 12 बजे से बृहस्पतिवार सुबह 9 बजे के बीच चार बार दूसरी मंजिल के कार्यालय में दस्तावेज सुलग रहे थे। अग्निशमन के कर्मचारी इन्हें बुझाने में जुटे रहे। सुबह एक घंटे तक दोनों तलों पर कर्मचारियों ने दस्तावेजों को पलट कर पानी डाला। सुरक्षा की दृष्टि से पिकप भवन पर अग्निशमन विभाग की दो टीमें तैनात की गई थी।
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