पुलिस के हत्थे चढ़े मीट सप्लाई के आरोपी।
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लखनऊ में लॉकडाउन में लोडर पर आवश्यक वस्तु आपूर्ति का पोस्टर लगाकर अवैध तरीके से मुर्गे का मीट बेचा जा रहा था। जानकारी होने पर इंदिरानगर पुलिस ने छापा मारा और फैक्टरी से छह क्विंटल मीट व दो लोडर पकड़े। इस मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।
डीसीपी उत्तरी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के मुताबिक, इंदिरानगर थाने की टीम सोमवार सुबह छह बजे खुर्रमनगर चौराहे पर गश्त कर रही थी। इस बीच निकले लोडर को पुलिस ने रोका। जांच में लोडर अंदर मुर्गे का मीट था।
पुलिस ने चालक मो. अकील व साथी मो. अस्जद गाजी को पकड़ लिया। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने बीपीएफ ट्रेडर्स खुर्रमनगर में छापा मारा, जहां भी एक लोडर में मुर्गे का मीट बरामद हुआ।
पुलिस के मुताबिक, दोनो लोडर में छह क्विंटल मीट मिला। पुलिस ने तत्काल बीपीएफ ट्रेडर्स के मुख्यालय को सील कर दिया। जबकि ट्रेडर्स के मालिक सईद बसीर, उसके दामाद कानपुर के विधनू निवासी सैय्यद कफील अहमद, सुपरवाइजर निमहालुद्दीन उर्फ निहाल, मो. शाहिद और बूचड़ इरशाद रजा को पकड़ लिया।
मुर्गी फार्म सहित कई कारोबार करता है आरोपी
एसीपी गाजीपुर अमित कुमार राय के मुताबिक, मुख्य आरोपी सईद बसीर का राजधानी में मुर्गी फार्म है। सईद ने बताया कि लॉकडाउन में मुर्गे खराब हो रहे थे।
इस दौरान देर रात मुर्गे को कटवाकर डीपफ्रीजर में रखवाता था। सुबह जहां से डिमांड होती थी वहां भेजा दिया जाता था। यह सिलसिला लॉकडाउन की घोषणा होने के कुछ दिन बाद से शुरू कर दिया गया था।
प्रभारी निरीक्षक इंदिरानगर धनंजय पांडेय के मुताबिक, मीट की निर्बाध आपूर्ति के लिए कारोबारी सईद बसीर ने फर्जी पास का इंतजाम कर लिया था। उसने खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा जारी फर्जी दस्तखत वाले पास भी लोडर के बनवा रखे थे। साथ ही लोडर के शीशे पर आवश्यक वस्तु आपूर्ति का पोस्टर भी लगा रखा था।
इस टीम ने किया खुलासाः इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय, एसआई विनोद यादव, राजेश बाबू, योगेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार सिंह, रामशंकर यादव, धवन सिंह, अनिल कुमार भाष्कर, कांस्टेबल शेर मोहम्मद, महेंद्र पाल, प्रभात द्विवेदी, मंजीत सिंह, रमाशंकर चौधरी, मो. शमशाद, मो. आजम, सुधीर सिंह, सुनील कुमार।