पुलिस महकमे में अधिक चार्ज होना ऊंची पकड़ का पैमाना बन गया है। डीजीपी मुख्यालय व उससे इतर भी कुछ आला पुलिस अफसर ऐसे हैं, जिनके पास एक से अधिक चार्ज है।
अधिक प्रभाव रखने वाले अफसर के इर्द-गिर्द वैसे भी चाटुकार अफसरों की सक्रियता अधिक बनी रहती है। वही नजारा पिछली कुछ बार से ऊच्च स्तर पर होने वाली बैठकों व इसके बाद के नजारे में दिख रहा है।
डीजीपी मुख्यालय पर कम से कम दो अधिकारी ऐसे हैं जिनकी ऊपर तक पहुंच के चर्चे आम हैं। दोनों ही के पास एक से अधिक विभागों के चार्ज हैं।
इनमें एक का जलवा कुछ ज्यादा ही है और अपने इसी जलवे में वह कुछ खास सिपहसालारों के अलावा बाकी के अधिकारियों को अधिक घास नहीं डालते नतीजा यह हो गया है कि कई अफसरों से अब उनके मौखिक रिश्ते नहीं रह गए हैं।
जिन आला अफसरों की दूरियां बनीं वह यह कह कर खुद को तसल्ली दे रहे हैं कि इतनी ऊंची पहुंच के नजदीक रहने की आंच को वह बर्दाश्त नहीं कर सकते।