लखनऊ। विभिन्न विश्वविद्यालयों व बोर्ड के जाली मार्कशीट बनाकर बेचने वाले गिरोह के सरगना मथुरा निवासी मनीष प्रताप सिंह उर्फ मांगेराम को पुलिस पकड़ नहीं पा रही है। दो सप्ताह बीतने के बाद भी पुलिस आरोपी को पकड़ने की जगह दूसरे विभागों से पत्राचार कर रही है। पुलिस का दावा है कि तीन टीमें मनीष की तलाश कर रही हैं।
पुलिस मनीष के कौशल विकास मिशन व आयुष मंत्रालय में घुसपैठ की पड़ताल में जुटी है। इसके लिए दोनों विभागों से पत्राचार किया है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट लेकर आरोपी के साथ गठजोड़ रखने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि फर्जी मार्कशीट बनाने के पीछे इन विभागों के कौन लोग आरोपी के संपर्क में थे। पुलिस मनीष की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी में है।
पुलिस ने कई जगह आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी, लेकिन हर बार मनीष चकमा देकर भाग निकला। उल्लेखनीय है कि पेपर मिल कॉलोनी महानगर में आरोपी जाली मार्कशीट बनाता था। पुलिस ने आरोपी के साथी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इससे पहले भी मनीष बंधक बनाकर दुष्कर्म, जाली मार्कशीट, देह व्यापार समेत अन्य मामले में जेल जा चुका है। जेल से जमानत पर छूटने के बाद आरोपी ने फिर से फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया था।
आरोपी के कई शहरों में ठिकाने
मनीष ने कई शहरों में अपना ठिकाना बना रखा है। यही वजह है कि अभी तक मनीष को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। आरोपी के ठिकाने लखनऊ के अलावा, मथुरा, गाजियाबाद, दिल्ली, मध्य प्रदेश व प्रयागराज में भी हैं। वह नोएडा में भी कुछ लोगों के संपर्क में था। आरोपी ने इस फर्जीवाड़े में अपने रिश्तेदारों को भी लगा रखा था।