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ट्रैकिंग नॉट लगी रस्सी में लटके शव से गहराया मौत का रहस्य, गुत्थी सुलझाने के लिए इन विशेषज्ञों को बुलाया

Fri, 18 Sep 2020 01:52 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अश्विन कपूर (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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लखनऊ के विभूतिखंड स्थित रोहतास प्लूमेरिया अपार्टमेंट में रीयल एस्टेट कारोबारी अश्विन कपूर का शव जिस रस्सी से लटका था, उसमें ट्रैकिंग नॉट लगी थी। अश्विन की संदिग्ध हालात में हुई मौत की जांच के दौरान पुलिस को यह नॉट खटक रही है। पुलिस ने ट्रैकिंग नॉट की जांच कराने के लिए नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के जानकारों से मदद मांगी है।
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एसीपी विभूतिखंड स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि अश्विन और उनकी पत्नी सुजैना दोनों ही ट्रैकिंग करते थे। एनसीसी के जानकारों से ट्रैकिंग नॉट के बारे में जानकारी के साथ ही अश्विन की मौत से जुड़े कुछ सुराग मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

एसीपी ने बताया कि एनसीसी मुख्यालय में पत्र भेजकर रस्सी और उसमें लगी ट्रैकिंग नॉट के विश्लेषण के लिए सहायता व सुझाव मांगा गया है। रस्सी पुलिस के पास सुरक्षित है। जल्द एनसीसी की एक टीम रस्सी और उसकी ट्रैकिंग नॉट की जांच करेगी। 
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पोस्टमार्टम में हुई फंदे से लटकाने की पुष्टि

एसीपी का कहना है कि अश्विन और सुजैना दोनों ट्रैकिंग करते थे और रस्सी में इस तरह की गांठ लगाने में माहिर थे। जिस वक्त अश्विन की मौत हुई, फ्लैट पर भी सिर्फ वही दोनों थे। हालांकि, नॉट को देखकर अश्विन की मौत के बारे में कुछ भी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

नॉट किसने लगाई है? यह भी पता लगाना मुश्किल है। पुलिस का कहना है कि नॉट देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसे पुरुष ने लगाया है या महिला ने। इससे अब तक हवा में हाथ-पैर मार रही पुलिस को कुछ सुराग मिलने की उम्मीद लग रही है। 

अश्विन कपूर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह एंटीमार्टम हैंगिंग लिखी है। फोरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक एंटीमार्टम हैंगिंग का मतलब है मौत से पहले शरीर को फंदे से लटकाया गया है। पोस्टमार्टम में अश्विन के सिर के पिछले हिस्से में चोटें और दायें कान के ऊपर काफी गहरी चोट भी मिली थी।
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यह था मामला

पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों का कहना है कि अश्विन के शरीर पर जो चोटें पाई गई थीं, वह मौत के लिए पर्याप्त थीं। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर फोरेंसिक विशेषज्ञों से कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा अश्विन के फ्लैट में घटना का रीक्रिएशन भी कराया गया है। रिपोर्ट आनी है।

अश्विन कपूर का शव 19 जुुलाई की सुबह फ्लैट में मिला था। मूलरूप से पंजाब के जालंधर निवासी अश्विनी कपूर एक रीयल एस्टेट कंपनी में अधिकारी थे और खुद भी रीयल एस्टेट का काम करते थे। वह पहली पत्नी से अलग हो चुके थे और करीब 10 साल पहले मुंबई के गिरगांव चरनी रोड निवासी सुजैना शेब्स से आर्य समाज मंदिर में शादी करके एक साथ रह रहे थे।

दोनों अक्सर लखनऊ में रोहतास प्लूमेरिया अपार्टमेंट स्थित फ्लैट में आकर 15 से 20 दिन ठहरते थे। अपनी मौत से करीब पांच महीने पहले से वह और सुजैना लखनऊ में ही थे। अश्विनी की मौत की खबर सुनकर पंजाब से लखनऊ पहुंची उनकी मां सरोज कपूर ने सुजैना व उसके भाई सेल्वेस्टर पर हत्या का शक जताते हुए विभूतिखंड थाना पर तहरीर दी है। पुलिस को अश्विन की डायरी में कुछ बातें लिखी मिली थीं जिन्हें सुसाइड नोट मानकर जांच की जा रही है।
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