झांसी में हुए पुष्पेंद्र यादव एनकाउंटर मामले में एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने कहा है कि पुलिस ने नियम विरुद्घ कोई काम नहीं किया। इस पूरे मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइन का पालन किया गया।
उन्होंने बताया कि पुष्पेंद्र के खिलाफ 2014 और 2015 में विभिन्न धाराओं में कुल पांच केस दर्ज थे। घटना वाले दिन भी पुष्पेंद्र के खिलाफ हत्या के प्रयास व लूट का मुकदमा दर्ज किया गया था जिसके पांच घंटे बाद पुलिस मुठभेड़ में पुष्पेंद्र मारा गया।
उन्होंने बताया कि पुष्पेंद्र के पार्थिव शरीर को परिवार को सौंपने की पूरी कोशिश की गई। 24 घंटे बाद भी जब परिवार ने शव नहीं लिया तो धार्मिक रीति रिवाजों के मुताबिक झांसी नगर में उसका दाह संस्कार कराया गया। इसमें स्थानीय लोग भी शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार के समय पुष्पेंद्र के परिवार का कोई भी सदस्य नहीं था, लेकिन बाद में कुछ लोग वहां पहुंचे थे।
यूपी पुलिस द्वारा पुष्पेंद्र के खिलाफ दर्ज मुकदमों से जुड़े ट्वीट किए जाने पर एडीजी ने कहा कि ‘पुलिस क्रैकडाउन’ की प्रक्रिया का पालन हुआ है। परिवार को जो भी शिकायत है, उन तथ्यों को विवेचना में शामिल किया जाएगा। एनकाउंटर की मजिस्ट्रेटी जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि 5 अक्तूबर को दर्ज दोनों मुकदमों की विवेचना एसएसपी की निगरानी में और डीआईजी रेंज व एडीजी जोन के पर्यवेक्षण में की जा रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के झांसी दौरे को लेकर एडीजी ने कहा कि दुखी परिवार को सांत्वना देने के लिए कोई भी जा सकता है।