‘अमिताभ ठाकुर का चेला है न तू, मैं सरेंडर करूंगा, फिर देखना क्या होता है तेरा’
‘अमिताभ ठाकुर का चेला है न तू। मैं कोर्ट में सरेंडर करूंगा। फिर देखना क्या होता है तेरा...।’ यह धमकी नौकरी का झांसा देकर 1.70 लाख रुपये ऐंठने के आरोपी चंद्रपाल सिंह ने उन्नाव निवासी पीड़ित अमन कुमार को फोन पर दी।
अमन ने बीते दिनों महानगर कोतवाली में शातिर चंद्रपाल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उसने तहरीर में डीआईजी टेलीकॉम अनिल कुमार का भी जिक्र किया था।
जिससे चंद्रपाल भड़का हुआ था। उसने अमन से कहा, ‘तुम दुश्मनी ले रहे हो। जिनका नाम एफआईआर में डाला है, वह छोटे लोग नहीं हैं।’
ठग की धमकी से घबराए पीड़ित अमन ने आईपीएस अमिताभ ठाकुर से मुलाकात कर उन्हें कॉल रिकॉर्डिंग की सीडी सौंपते हुए सुरक्षा की मांग की है।
अमिताभ ठाकुर ने ठग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए एसएसपी कलानिधि नैथानी को पत्र लिखा है।
आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने बताया कि कॉल रिकॉर्डिंग सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे की है। इसमें ठगी के आरोपी चंद्रपाल ने डीआईजी टेलीकॉम का नाम डालने पर पीड़ित अमन कुमार को जमकर फटकारा है।
उसने पूछा, ‘अनिल जी का नाम क्यों डाला तुमने। क्या तुम उनका पहचानते हो।’ इस पर अमन ने उन्हें पहचानने की बात से इन्कार करते हुए कहा कि आप खुद ही उनका नाम लेते थे।
इस जवाब से बौखलाए ठग ने कहा कि तुम दुश्मनी ले रहे हो। तुम डीआईजी भोला जी का नाम डालते। अनिल जी का नाम क्यों डाला। वह बड़े लोग हैं।
कोर्ट-कचहरी सब जगह निपट लेंगे, लेकिन तुमने जो मुकदमा लिखवाया है, उसकी सजा तुमको ही मिलेगी।
ठग चंद्रपाल सिंह को महानगर कोतवाली में ही एफआईआर दर्ज कराने पर भी आपत्ति थी। उसने अमन से पूछा कि कानपुर, उन्नाव या फिर विकासनगर थाने में एफआईआर क्यों नहीं कराई।
उसने कहा कि किसी ने दबाव डलवाकर महानगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। उसने कई बार पूछा कि किसके कहने पर मुकदमा लिखवाया है, लेकिन अमन ने इस बात का जवाब नहीं दिया।
इस पर ठग ने कहा कि तू अमिताभ ठाकुर का चेला है। मैं कोर्ट में सरेंडर कर दूंगा। इसके बाद देखना तेरा क्या होता है। उसने अमन, उसके माता-पिता और पूरे खानदान को फंसाने की धमकी दी। पुलिस धमकीभरी कॉल रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है।
जानिए क्या था पूरा मामला
उन्नाव के सफीपुर निवासी व यहां ओल्ड हैदराबाद में रहकर निजी नौकरी करने वाले अमन कुमार ने बरेली निवासी चंद्रपाल सिंह पर नौकरी का झांसा देकर 1.70 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए सात सितंबर को महानगर कोतवाली में केस दर्ज कराया था। उसने एफआईआर में लिखा था कि शातिर चंद्रपाल खुद को डीआईजी टेलीकॉम अनिल कुमार बताता था। नजदीकी बढ़ने पर वह खुद को डीआईजी का भाई बताने लगा। वर्ष 2018 में उसने लखनऊ नगर निगम में डीआईजी के कोटे से क्लर्क के पद पर भर्ती कराने का झांसा देकर रुपये ऐंठे थे। इससे पूर्व गौतमपल्ली थाने में तैनात महिला दरोगा पूजा यादव के पति अवनेश द्विवेदी ने भी गैस एजेंसी दिलाने के नाम पर 12 लाख रुपये ठगने के साथ ही उनकी कार भी हड़प ली थी। अवनेश ने भी महानगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में अवनेश की कार डीआईजी टेलीकॉम के घर पर खड़ी मिली थी। छानबीन के दौरान डीआईजी ने बताया था कि पूजा यादव और चंद्रपाल सिंह उनके घर पर खुद कार खड़ी करके गए थे।