चौक में किराना व सुपारी के थोक कारोबारी व कमला पसंद के स्टॉकिस्ट रामनिवास अग्रवाल के कार्यालय में लूट, हत्या के मामले में पुलिस 36 घंटे बाद भी खाली हाथ है। खुलासे के लिए छह जिलों में नौ टीमें लगाई गई हैं। 24 सीसीटीवी फुटेज में भागते लुटेरों का रास्ता पता चला है।
गुस्से में व्यापारी: दुकानें बंद, सड़क पर उतरे, 50 लाख मांगा मुआवजा
चौक में हुई लूट में कर्मचारी सुभाष गुप्ता की मौत के विरोध में शुक्रवार को यहियागंज उद्योग व्यापार मंडल ने दुकानें बंद कर आम सभा बुलाई। अमर नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुभाष गुप्ता के परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजा मांगा गया। व्यापारियों ने दुकानें बंद कर पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई।
आम सभा में व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने कहा कि छोटी-छोटी घटनाओं में सरकार 50 लाख रुपये मुआवजा देती है। लिहाजा पीड़ित परिवार को भी इतना मुआवजा दिया जाए। वहीं, यहियागंज उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि 22 साल में पहली बार ऐसी घटना हुई है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
यह क्षेत्र तीन थानों के अंतर्गत आता है, तब यह स्थिति है। व्यापारियों ने मांग की कि यहियागंज पुलिस चौकी में कम से कम 32 पुलिसकर्मी हों। चेयरमैन हरीश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि पुलिस व्यापारियों पर दबाव डालती है कि दुकानों में सीसीटीवी लगवाए। लेकिन खुद चौराहों पर कैमरे नहीं लगवा रही है।