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पासपोर्ट विवाद में बड़ा खुलासा, पुलिस रिपोर्ट में पकड़ा गया तन्वी का झूठ

Tue, 26 Jun 2018 10:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अनस सिद्दीकी व तन्वी सेठ पासपोर्ट जारी होने के बाद। - फोटो : amar ujala
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तन्वी सेठ के पासपोर्ट की जांच करने के लिए सोमवार दोपहर कैसरबाग स्थित ससुराल पहुंची पुलिस व स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) को उसके यहां (लखनऊ) रहने से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिले।

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पुलिस सूत्रों का कहना है कि दो घंटे की पड़ताल और तन्वी के ससुरालीजनों से बातचीत के बाद टीम खाली हाथ लौट आयी। कोई साक्ष्य न मिलने पर तन्वी का पासपोर्ट अटक सकता है। हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार का कहना है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। पुलिस ने तन्वी के मोबाइल की कॉल डिटेल के जरिए लोकेशन तलाशने का प्रयास भी किया है। बताया जा रहा है कि 14 जूने पहले तक तन्वी की लोकेशन नोएडा में देखी गई है। 

तन्वी ने पासपोर्ट के आवेदन में जो ब्यौरा दिया है उसके मुताबिक वह गोंडा में जन्मी हैं और कैसरबाग में नाज सिनेमाहॉल के पास चिकवाली गली झाऊलाल बाजार में रहने वाले अनस से उन्होंने शादी की है। उन्होंने अपने आवेदन में नोएडा में रहने की बात भी लिखी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मुताबिक गोंडा से जांच करा ली गई है। जल्द ही पुलिस की एक टीम नोएडा का पता सत्यापित करने के लिए वहां भेजी जाएगी। कैसरबाग स्थित ससुराल के पते पर उनके रहने की तस्दीक की जा रही है।
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उन्होंने मंगलवार को इस बारे में पूरी जानकारी मिलने की बात कही। हालांकि, पुलिस सूत्रों के मुताबिक सोमवार को ही पुलिस और एलआईयू की टीम तन्वी की ससुराल गई थी जहां उसके ससुर ए. सिद्दीकी व अन्य सदस्य मिले। टीम ने दो घंटे तक तन्वी के वहां रहने के साक्ष्य व दस्तावेज मांगे, लेकिन ससुरालीजन कुछ भी नहीं दे सके। फिलहाल पुलिस और एलआईयू की टीम खाली हाथ लौट आई है।

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पासपोर्ट के आवेदन में दिए गए पते पर एक साल रहना जरूरी

प्रतीकात्मक तस्वीर
पासपोर्ट अधिनियम के मुताबिक आवेदक जो पता लिख रहा है, उस पर एक साल रहना जरूरी है। तन्वी ने कैसरबाग स्थित ससुराल का पता दिया है लेकिन वह एक साल से वहां नहीं रह रही हैं। यह आधार उनका पासपोर्ट खारिज करने के लिए पर्याप्त है।

दर्ज हो सकती है प्राथमिकी
तन्वी की तरफ से पासपोर्ट के आवेदन में अगर कोई जानकारी गलत पाई गई, तो उनके खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम के तहत प्राथमिकी भी दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इस मामले में पुलिस खामोश है। चूंकि यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा बना हुआ है इसलिए पुलिस पासपोर्ट की जांच को लेकर भी कोई टिप्पणी नहीं कर रही।
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