पासपोर्ट अधिनियम के मुताबिक आवेदक जो पता लिख रहा है, उस पर एक साल रहना जरूरी है। तन्वी ने कैसरबाग स्थित ससुराल का पता दिया है लेकिन वह एक साल से वहां नहीं रह रही हैं। यह आधार उनका पासपोर्ट खारिज करने के लिए पर्याप्त है।
दर्ज हो सकती है प्राथमिकी
तन्वी की तरफ से पासपोर्ट के आवेदन में अगर कोई जानकारी गलत पाई गई, तो उनके खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम के तहत प्राथमिकी भी दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इस मामले में पुलिस खामोश है। चूंकि यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा बना हुआ है इसलिए पुलिस पासपोर्ट की जांच को लेकर भी कोई टिप्पणी नहीं कर रही।