लखनऊ। समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग कर रहे बॉन्ड डॉक्टरों और पुलिस के बीच मंगलवार को जीपीओ पर झड़प हो गई। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों को पुलिसकर्मियों ने पकड़कर खींचा और जबरन बसों में बैठा दिया। साथी डॉक्टरों को खींचकर ले जाते देख कई महिला डॉक्टर गाड़ियों के सामने खड़ी हो गईं। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें भी जबरन बस में बैठा दिया। डॉक्टरों ने पुलिस पर अभद्रता, धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोप लगाए हैं।
सीएचसी और पीएचसी में बॉन्ड के तहत तैनात एमबीबीएस डॉक्टर कई दिनों से वेतन में अंतर खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें बसों में भरकर अलग-अलग स्थानों पर भेज दिया। कुछ डॉक्टरों को ईको गार्डन तो कुछ को पुलिस लाइन ले जाया गया। डॉक्टरों का आरोप है कि पुलिस लाइन पहुंचने के बाद बाहर से आने वाले साथियों को भी उनसे मिलने नहीं दिया गया।
महिला डॉक्टरों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रही थीं, लेकिन पुलिस ने उनकी बात सुनने के बजाय जबरन बस में बैठा दिया। कार्रवाई के दौरान धक्का-मुक्की और अभद्रता से डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ गई।
डॉक्टरों के मुताबिक, मेडिकल कॉलेजों में बॉन्ड के तहत तैनात चिकित्सकों को एक लाख रुपये से अधिक प्रतिमाह वेतन मिलता है, जबकि सीएचसी और पीएचसी में कार्यरत डॉक्टरों को 50 से 55 हजार रुपये ही दिए जाते हैं। उनका सवाल है कि समान एमबीबीएस डिग्री और बॉन्ड सेवा के बावजूद वेतन में इतना अंतर क्यों है। डॉक्टरों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
समान वेतन मांग रहे डॉक्टरों से पुलिस की झड़प।
समान वेतन मांग रहे डॉक्टरों से पुलिस की झड़प।
समान वेतन मांग रहे डॉक्टरों से पुलिस की झड़प।
समान वेतन मांग रहे डॉक्टरों से पुलिस की झड़प।
समान वेतन मांग रहे डॉक्टरों से पुलिस की झड़प।
समान वेतन मांग रहे डॉक्टरों से पुलिस की झड़प।
समान वेतन मांग रहे डॉक्टरों से पुलिस की झड़प।
समान वेतन मांग रहे डॉक्टरों से पुलिस की झड़प।
समान वेतन मांग रहे डॉक्टरों से पुलिस की झड़प।
समान वेतन मांग रहे डॉक्टरों से पुलिस की झड़प।
समान वेतन मांग रहे डॉक्टरों से पुलिस की झड़प।
समान वेतन मांग रहे डॉक्टरों से पुलिस की झड़प।
समान वेतन मांग रहे डॉक्टरों से पुलिस की झड़प।
समान वेतन मांग रहे डॉक्टरों से पुलिस की झड़प।