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Lucknow News: पुलिस का दावा हमले में नहीं, सड़क हादसे में जख्मी हुई थी छात्रा

Thu, 01 Jan 2026 02:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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घटना की सीसीटीवी फुटेज।
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लखनऊ। पीजीआई के अपेक्स ट्रॉमा सेंटर में जिंदगी और मौत से जूझ रही कक्षा नौ की छात्रा मानसी पर जानलेवा हमला नहीं, बल्कि वह सड़क हादसे का शिकार हुई है। इस बात की पुष्टि पुलिस की जांच में हुई है। सीसीटीवी फुटेज, डॉक्टर व अस्पताल पहुंचाने वाले राहगीर व घटना से संबंधित अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास की धाराओं को हादसे में तरमीम कर दिया है।
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इंस्पेक्टर धीरेंद्र सिंह के मुताबिक 25 दिसंबर को बरौली फ्लाईओवर पर रुचिखंड निवासी मानसी खून से लथपथ मिली थी। उसके सिर और गले में चोट के निशान थे। पास में ही उसकी सहेली और दोस्त भी घायलावस्था में पड़े थे। मानसी की मां नीतू सिंह ने बेटी के तीन दोस्तों पर पिटाई व गला रेतने का आरोप लगाते हुए पीजीआई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि तफ्तीश में सामने आया है कि मानसी दोस्त के साथ बाइक से अंसल की ओर से आ रही थी। बाइक पर पीछे उसकी सहेली भी बैठी थी। रफ्तार तेज होने के चलते फ्लाईओवर पर टर्न करते समय बाइक अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकरा गई थी। हादसे में तीनों घायल हो गए थे।

फुटेज में शाम 5:32 बजे फ्लाईओवर पर चढ़ते दिखे
डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल के मुताबिक फुटेज में घटना के दिन शाम 5:32 बजे मानसी बाइक सवार दोस्तों के साथ कार को ओवरटेक कर फ्लाईओवर पर चढ़ते हुए नजर आई। एक मिनट बाद 5:33 पर हादसा हो गया। पुलिस ने फुटेज में दिखी कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिये मालिक से संपर्क किया। कार सवार ने बाइक की रफ्तार को हादसे की वजह बताई है। कार चालक ने 108 पर कॉल कर एंबुलेंस बुलाई थी। मौके पर मौजूद चश्मदीद ने भी इस बात की पुष्टि की है। कार चालक ने ही एक अन्य की मदद से छात्रा, उसके दोस्त व सहेली को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया और भर्ती कराया था। दोनों के बयान भी पुलिस ने दर्ज किए हैं।
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मेडिकल रिपोर्ट में हादसे में चोटिल होने की पुष्टि
इंस्पेक्टर के मुताबिक इलाज कर रहे डॉक्टरों ने भी मानसी की चोटों को मेडिकल रिपोर्ट में एक्सीडेंटल इंजरी बताया है। मेडिकल रिपोर्ट को भी विवेचना में शामिल किया है। वहीं, मामले में नामजद आरोपी और मानसी के साथ बाइक पर पीछे बैठी सहेली ने भी इसे सड़क हादसा बताया है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास की सीसीटीवी फुटेज को भी तफ्तीश में बतौर साक्ष्य लिया गया है।

हादसा मानने को तैयार नहीं परिजन
मानसी की मां नीतू सिंह का कहना है कि उनकी बेटी को जान से मारने का प्रयास किया गया है। वह इसे हादसा मानने के लिए तैयार नहीं हैं। वहीं बाइक चला रहे मानसी के दोस्त के पिता मनोज ने बताया कि बेटा बात करने की स्थिति में नहीं है। उसका बायां हाथ, जबड़ा, दांत व तालू टूट गया है। नाक और गले में भी चोट है। मनोज का कहना है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करें।

कोमा में है मानसी, इंस्पेक्टर व कांस्टेबल ने किया रक्तदान
हादसे की छह दिन बाद भी मानसी की हालत गंभीर बनी हुई है। वह कोमा में वेंटिलेटर पर है। बुधवार को डॉक्टरों ने कहा कि छात्रा को खून चढ़ना है। जानकारी मिलते ही कांस्टेबल शुभम के साथ इंस्पेक्टर पीजीआई धीरेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे और रक्तदान किया। इंस्पेक्टर ने कहा कि मानसी की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

बिना हेलमेट बाइक चला रहा था छात्र
इंस्पेक्टर ने बताया कि चश्मदीद गवाह, फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर हत्या के प्रयास और मारपीट की धारा को हटाते हुए मामले की रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी गई है। हत्या के प्रयास के आरोप की पुष्टि नहीं होने पर नामजद आरोपियों के नाम भी बाहर कर दिए गए हैं। वहीं बाइक चला रहा छात्र हेलमेट नहीं पहने था और न ही उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस था।
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