बेटिकट यात्रियों के खिलाफ रेलवे के सबसे बड़े अभियान ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ से सोमवार को कोई भी नहीं बच सका। वकील, पुलिस, नेता और कई बड़े अफसरों के नाम पर रौब गांठने वाले धरे गए।
दिन भर चले इस ऑपरेशन में करीब 424 बेटिकट यात्रियों को पकड़ा गया जबकि 25 को सीधे जेल भेज दिया गया। इस दौरान करीब 1.14 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया।
दोपहर करीब एक बजे ऑपरेशन चक्रव्यूह के शुरू होते ही चारबाग स्टेशन पर अफरातफरी मच गई। करीब दो सौ टीसी,जीआरपी व आरपीएफ जवानों के अलावा वाणिज्य अनुभाग के कई कर्मचारी भी इसमें शामिल हुए।
स्टेशन को सात सेक्टरों में बांटकर ऑपरेशन चलाया गया। वरिष्ठ स्टेशन प्रबंधक एके दोहरे के कक्ष को कंट्रोल रूम बनाया गया। इस दौरान पहले स्टेशन परिसर के सामने, दोनों पैदल पुल, भूमिगत मार्ग, प्लेटफार्म पर उतरी सीढ़ियां और हर दो बोगियों के पास टीसी की तैनाती की गई थी।
इस दौरान शताब्दी एक्सप्रेस, किसान एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस, राज्यरानी एक्सप्रेस, झांसी इंटरसिटी, प्रतापगढ़ डीएमयू, सियालदह एक्सप्रेस और वरुणा एक्सप्रेस सहित दो दर्जन से अधिक ट्रेनों में बेटिकट यात्रियों के खिलाफ अभियान चला।
ऑपरेशन के दौरान ट्रेनों की शयनयान बोगियों में कब्जा करने वाले दैनिक यात्री भी न बच सके। सियालदा एक्सप्रेस और पंजाब मेल सहित कई ट्रेनों की शयनयान बोगियों में कब्जा करने वाले करीब पांच दर्जन दैनिक यात्रियों का भी जुर्माना किया गया।