नेपाल और बिहार से 11 किशोरों को दिल्ली ले जा रहे मानव तस्कर गिरोह का एंटी ह्यूूमैन ट्रैफिकिंग यूनिट, चाइल्ड लाइन व चिनहट पुलिस ने खुलासा किया। इन्हें दिल्ली के होटलों में काम करवाने के लिए बेचने की तैयारी थी। टीम ने सोमवार को चिनहट के ढाबे के पास से छह तस्करों को पकड़कर किशोरों को छुड़वाया। इन्हें चाइल्ड लाइन को सुपुर्द कर परिवारीजन को सूचना दे दी गई है।
प्रभारी निरीक्षक चिनहट तेज बहादुर सिंह के मुताबिक, तस्करी की सूचना मिलने पर एंटी ह्यूूमैन ट्रैफिकिंग यूनिट व चाइल्ड लाइन की टीम ने पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे ढाबा एनएच-27 के पास घेराबंदी की गई। इसी बीच वहां पहुंची मोतीहारी से दिल्ली जा रही निजी बस की तलाशी में 10 से 12 वर्ष की उम्र के 11 किशोर मिले। मौके से मोतीहारी के पंडितपुर का सलाउद्दीन अंसारी, जाम खड़वा का अबू लैश, नेपाल के पिपरा भगवानपुर का महताब, मड़िया का मो. अशरफ अंसारी, जमालपुर मटिया का जमील अख्तर और बहरिया का इरशाद आलम पकड़ा गया। इन्हें जेल भेज दिया गया है।
घरवालों को दिया अच्छी कमाई का लालच
आरोपियों ने बताया कि वे झोपड़ पट्टी में रहने वालों को उनके बच्चों की शहर में अच्छी कमाई करवाने का लालच देते हैं। इसके बाद किशोरों को दिल्ली में होटल, ढाबा मालिकों के पास छह से 10 महीने बंधक रखकर मोटी रकम वसूलते हैं। इसके बाद बच्चों के परिवारीजन को तय रकम दे देेते थे।