पूर्व बीजेपी विधायक जिप्पी तिवारी के बेटे वैभव तिवारी के हत्यारों को मंगलवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हत्या के आरोपी सूरज शुक्ला और विक्रम सिंह कोर्ट में आत्मसमर्पण की फिराक में थे।
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पुलिस को इनके आत्मसमर्पण की जानकारी मिल चुकी थी। जैसे ही दोनों कोर्ट परिसर में पहुंचे पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी दीपक कुमार ने दोनों आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस ने बिछा रखा था जाल
पकड़े गए आरोपी
- फोटो : amar ujala
सूत्रों के मुताबिक अपराधियों के आत्मसमर्पण की भनक पुलिस को पहले ही लग गई थी। जिसे देखते हुए सोमवार से ही पुलिस की टीम कोर्ट में तैनात थी। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे जैसे ही वकीलों के साथ दोनों आरोपी कोर्ट पहुंचे, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। एडीजी कानून व्यवस्था के समक्ष दोनों को पेश किया गया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।
ये था मामला
मृतक वैभव तिवारी व अस्पताल में पुलिसकर्मियों के साथ उसके पिता। (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
मालूम हो कि राजधानी लखनऊ के हाईसिक्योरिटी जोन वाले हजरतगंज चौराहे पर शनिवार रात भाजपा से तीन बार विधायक रहे प्रेम प्रकाश उर्फ जिप्पी तिवारी के इकलौते बेटे वैभव तिवारी (30) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वैभव डुमरियागंज के दमुआपुर, गांव का प्रधान था। रात करीब नौ बजे उसके परिचित सूरज शुक्ला ने फोन कर चौराहे पर बुलाया। किसी बात पर दोनों में झगड़ा हुआ तो सूरज के दोस्त और हिस्ट्रीशीटर विक्रम ने पिस्टल निकालकर वैभव के सीने में गोली मार दी थी।
वैभव की हत्या के बाद इसी रात पुलिस ने सूरज के अर्जुनगंज खुर्दही बाजार स्थित घर पर दबिश देकर वहां रखे 30 लाख रुपये जब्त कर लिए थे। इस रकम का सूरज के परिवारीजन अब तक कोई लेखा-जोखा नहीं दिखा सके हैं।
इन दोनों की गिरफ्तार के बाद एसएसपी दीपक कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मोबाइल के सर्विलांस में लगे होने से ये अंदाजा लगाया जा रहा था कि आरोपी कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। रिश्तेदारों से भी पूछताछ चल रही थी। सूरज के घर से तीस लाख रुपए बरामद किए गए थे। इसे देखते हुए कोर्ट में पुलिस टीम सोमवार से लगी हुई थी। आज जब ये कोर्ट पहुंचे तो इन्हें अरेस्ट किया गया। मामले की गहराई से जांच की जा रही है। कोर्ट से सात दिन की रिमांड पर लेने का प्रयास किया जा रहा है।