बरामद किए गए जेवर व नगदी
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इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया, चोरों से बरामद सोने के जेवरों की कीमत करीब सात लाख रुपये है जबकि चांदी के जेवर 25,000 रुपये कीमत के बताए जा रहे हैं। उनके पास से एक स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद हुई है। कुल कीमत 15 लाख बताई गई है। बकौल इंस्पेक्टर, बदमाशों का एक साथी सीतापुर के रेउसा निवासी संजय रस्तोगी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की टीम सीतापुर समेत अन्य जनपदों में भेजी गई है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि फैजल और शीबू के खिलाफ सीतापुर के तम्बौर थाना में चोरी व किशोरी से छेड़छाड़ के केस दर्ज हैं। अन्य जनपदों से भी चोरों के खिलाफ दर्ज मुकदमों का ब्यौरा मंगाया गया है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राजकुमार, बालागंज चौकी प्रभारी विजय सिंह, डीसीपी पश्चिम की क्राइम टीम के उपनिरीक्षक संजय द्विवेदी, राकेश यादव, सतेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य आरक्षी कायम रजा, आरक्षी संजीव सिंह, पवन त्रिवेदी, सियाराम, संजीव कुमार शामिल थे।
शातिर चोरों ने पूछताछ में बताया कि वारदात में मिले सोने-चांदी के जेवर वह राह चलते लोगों या सर्राफ को औने-पौने दाम में बेच देते थे। इंस्पेक्टर का कहना है कि बदमाश कोई मजबूरी बताकर जेवर बेचते थे। कुछ सराफा कारोबारियों के नाम-पते उन्होंने बताए हैं जिनके बारे में पड़ताल की जा रही है।
बदमाश इतने शातिर थे कि पुलिस को उलझाते रहे। पुलिस का कहना था कि जेवर-रुपये की बरामदगी के बाद भी उनसे वारदात कुबूल कराना काफी मुश्किल था लेकिन ठाकुरगंज इलाके में बीते कुछ महीनों में हुईं छह चोरियों में सीसीटीवी फुटेज से काफी मदद मिली। फुटेज में जो बदमाश नजर आ रहे थे, उनकी कद-काठी पकड़े गए बदमाशों से काफी मिलती-जुलती थी। यही नहीं, बदमाशों के मोबाइल नंबर की लोकेशन भी फुटेज के मुताबिक, घटनास्थल पर मिली थी।
वारदात के लिए कार से आते-जाते थे शातिर
पुलिस को बदमाशों के पास से एक स्विफ्ट डिजायर कार मिली है। इंस्पेक्टर ने बताया कि बदमाश कार से आते-जाते थे। पुलिस को चोरी के छह घटनास्थल से कार के फोटो भी मिले हैं। बदमाशों के पास कार के कागजात नहीं हैं। माना जा रहा है कि कार चोरी की है। इंजन व चेसिस नंबर से कार मालिक के बारे में पता लगाया जा रहा है।