हजरतगंज पुलिस ने एटीएस की मदद से दाऊद इब्राहीम के गुर्गे तारिक परवीन को सोमवार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। तारिक देश के टॉप-10 अंडरवर्ल्ड में शामिल था। हजरतगंज पुलिस 16 साल से उसकी तलाश कर रही थी।
जबकि वह सात साल से दाउद की बहन की मुंबई स्थित सारा बिल्डिंग में डेरा जमाए प्रॉपर्टी डीलिंग के बहाने दाउद के लिए करोड़ों का खेल कर रहा था।
एटीएस ने उसे दक्षिण मुंबई के क्रॉफर्ड मार्केट स्थित ऑफिस से गिरफ्तार करने के बाद वहां की शिवड़ी कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद यूपी एटीएस उसे लखनऊ ला रही है।
एसएसपी यशस्वी यादव ने बताया कि वर्ष 1999 में मुंबई के मेयर की हत्या के इरादे से नेपाल के रास्ते एके-47 और कारतूस लाने के मामले में 16 साल से तारिक वांछित था। उसे पकड़ने के लिए ब्यौरा जुटाना शुरू किया गया।
डीजीपी अरुण कुमार गुप्ता ने तारिक की गिरफ्तारी में मदद के लिए एटीएस को निर्देश दिए थे। सर्विलांस और अन्य तंत्रों से पता चला कि तारिक 2004 में दुबई से मुंबई के लिए निर्वासित किया गया था।
2008 में जमानत पर रिहा होने के बाद वह दाऊद का वित्तीय कामकाज देख रहा था। इसके बाद हजरतगंज पुलिस और एटीएस की एक टीम को मुंबई भेजा गया था।