गिरफ्तारी वारंट और कुर्की का आदेश जारी होने के बाद सपा विधायक
रविदास मेहरोत्रा ने भी ताल ठोक दी है।
उन्होंने कहा, ‘मैं न कहीं भागा
हूं न फरार हूं। हर वक्त अपने घर, कार्यालय और जनता के बीच उपलब्ध हूं।
पुलिस को जब गिरफ्तार करना हो कर ले।’
विधायक
ने बताया कि 1993 में हजरतगंज के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राजाराम पाल
ने 22 वर्षीय फुरकान की दिनदहाड़े नगर निगम कार्यालय के बाहर गोली मारकर
हत्या कर दी थी।
करीब 20 हजार लोगों के साथ उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया
था। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ उसी थाना में मुकदमा दर्ज कर
उन्हें व अन्य दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।
इस मामले में
रविदास के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था। बकौल विधायक, इस प्रदर्शन के
कारण बलवा या दंगा की बात निराधार है।
उन्होंने कहा कि 20 साल पुराने
मुकदमे में जिस तरह कुर्की और फरारी की बात कही जा रही है, वह राजनीतिक
विद्वेष और बदले की भावना से की गई है।
वह हमेशा दमन के खिलाफ खड़े रहे
हैं। गौरतलब है, पुराने मुकदमे में सपा विधायक के हाजिर न होने पर बीते
दिनों कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी करने के साथ ही कुर्की का
आदेश दिया था।
कोर्ट का कहना है कि आरोपी के हाजिर न होने के कारण मुकदमे
का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
उधर, चौक इंस्पेक्टर इंद्र प्रकाश सिंह ने
कहा कि कोर्ट ने छह दिसंबर तक का समय दिया है। समय से पहले ही कोर्ट के
आदेशों का पालन कराया जाएगा।