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पुलिस का कारनामा : बेगुनाह को भेजा जेल...एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा खेल; पीड़ित बोला-अंत में सच की जीत हुई

Sat, 06 Dec 2025 10:21 AM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में सरिया चोरी के झूठे केस में पुलिस ने बिना सही जांच किए कई बेगुनाहों को जेल भेज दिया, लेकिन एंटी करप्शन की लंबी जांच में सच सामने आया और पीड़ित को न्याय मिला। आरोपी पुलिसकर्मियों पर अब निलंबन और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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लालता सिंह - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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लखनऊ में सरिया चोरी के झूठे आरोप में जेल भेजे गए बंथरा के पहाड़पुर निवासी लालता सिंह बंथरा से लेकर कृष्णानगर पुलिस तक अपनी बेगुनाही का सबूत देते रहे, पर किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। महज बयानों के आधार व एक बिल को सुबूत दिखाते हुए पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया था। लालता सिंह बताते हैं कि खुद को बेगुनाह साबित करने की लड़ाई बहुत कठिन थी, पर अंत में सच की जीत हुई और उन्हें न्याय मिला।
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पुलिस वालों की विभाग में ऊपर तक सेटिंग थी

लालता सिंह का कहना है कि आरोपी पुलिस वालों की विभाग में ऊपर तक सेटिंग थी। यही वजह थी कि एंटी करप्शन ने पहली बार जांच शुरू की तो आरोपी पुलिसकर्मियों ने किसी तरह जांच एंटी करप्शन से ट्रांसफर करवाकर कृष्णानगर थाने में भिजवा दी। 

लालता बताते हैं कि कृष्णानगर थाने में तैनात दरोगा आलोक कुमार सिंह को जांच मिली थी। उन्होंने भी बिना पड़ताल किए लालता व कल्लू गुप्ता को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया। साथ ही केस में नामजद विकास गुप्ता, डाला चालक बंथरा अंबेडकरनगर शिवपुरा के दर्शन जाटव, कल्लू यादव और उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी।

लालता का कहना है कि पुलिस केस में नामजद उनके बेटे कौशलेंद्र सिंह और सतीश सिंह के खिलाफ 82 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में थी। इस बीच उन्होंने शासन स्तर पर शिकायत की और वहां से फिर जांच एंटी करप्शन को ट्रांसफर करने का आदेश दिया गया। एंटी करप्शन ने ढाई वर्ष तक एक- एक पहलू पर जांच की और सच का खुलासा हो सका। लालता सिंह का कहना है कि एंटी करप्शन की विवेचना पर पूरा भरोसा है कि साजिशकर्ता का नाम सामने आएगा।


 

निलंबन की रिपोर्ट तैयार

केस में आरोपी पुलिसकर्मी बहराइच में तैनात इंस्पेक्टर क्राइम प्रहलाद सिंह, दरोगा संतोष कुमार, राजेश कुमार, दिनेश कुमार और लखनऊ पुलिस लाइन के दरोगा आलोक कुमार सिंह के खिलाफ निलंबन की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को शनिवार को भेजी जाएगी। डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि केस पीजीआई थाने में दर्ज किया गया है और जांच एंटी करप्शन विभाग से की जाएगी।
 
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एक नजर में मामला

सरिया चोरी के झूठे मामले में चार बेगुनाहों को फर्जी ढंग से जेल भेजने वाले बंथरा थाने में तैनात रहे तत्कालीन इंस्पेक्टर क्राइम और चार दरोगाओं के खिलाफ पीजीआई थाने में झूठे साक्ष्य गढ़ने, साजिश रचने और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था।

केस एंटी करप्शन में तैनात इंस्पेक्टर नुरूल हुदा खान ने दर्ज कराया था। झूठे आरोप में जेल भेजे गए बंथरा के पहाड़पुर निवासी पूर्व बीडीसी सदस्य रंजना सिंह के पति लालता सिंह ने शासन में शिकायत की थी। इसके बाद जांच एंटी करप्शन को दी गई और पुलिसवालों के खेल का खुलासा हुआ।
 
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