रायबरेली। मुंशीगंज-डलमऊ मार्ग पर एम्स तक सड़क के चौड़ीकरण का काम ठप हो गया है। इस कार्य में बिजली के पोल और पेड़ रोड़ा बने हुए हैं। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने पेड़ और बिजली के खंभों को पहले हटवाना जरूरी नहीं समझा और पटरी खोदकर छोड़ दी। इसकी वजह से आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं और जाम की समस्या से लोगों को दो चार होना पड़ रहा है। व्यापारियों और आम नागरिकों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग को पहले जो कार्य करना चाहिए था, वह नहीं किया। यदि पहले पेड़ और बिजली की लाइन शिफ्ट हो जाती तो काम रोकने की नौबत न आती। यह फोरलेन सड़क करीब सात करोड़ की लागत से बन रही है।
नगर पालिका परिषद में आने वाले मुंशीगंज में शहीद स्मारक से आने वाली सड़क से एम्स तक 700 मीटर सडक़ को फोरलेन किया जाना है। दोनों पटरियों में करीब 70 से ज्यादा पेड़ आ रहे हैं। इसके अलावा बिजली की लाइन भी बनी है। पेड़ और बिजली के खंभे अब चौड़ीकरण में बाधा बन रहे हैं। बिजली की लाइन शिफ्ट होने और पेड़ हटने में कम से कम एक महीने का समय लग सकता है, तब तक लोगों को जान हथेली पर रखकर गुजरना पड़ेगा, क्योंकि जगह-जगह खुदाई होने से आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
मुंशीगंज कस्बे के व्यापारी नेता वीरेंद्र यादव, ओम प्रकाश साहू, राजनारायण अग्रहरि ने बताया कि पटरी खोद दिए जाने से जाम की समस्या बढ़ गई है। इससे एम्स तक पहुंचने वाले रोगियों और तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। आमने-सामने से जब भारी वाहन आ जाते हैं तो निकलने में दिक्कत होती है। इस वजह से जाम लगता है। विभाग को पहले लाइन और पेड़ हटवाना चाहिए, ताकि काम में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न होती। यही वजह है कि अब काम भी बंद है।