रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से जिले में अवैध पैथोलॉजी लैब की बाढ़ आ गई है। कलेक्शन सेंटर की आड़ में धड़ल्ले से संचालित लैब में रोजाना 10 हजार से अधिक मरीजों को ठगा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग में 65 पैथोलॉजी पंजीकृत हैं, लेकिन 200 से अधिक पैथोलॉजी या ब्लड कलेक्शन सेंटर संचालित हैं। मरीजों से मनमाने तरीके से जांच के नाम पर रुपये वसूले जा रहे हैं। शहर में 32, बछरावां में सात, लालगंज में पांच, ऊंचाहार में तीन, डलमऊ, सलोन, सतांव में एक-एक पैथोलॉजी ही पंजीकृत हैं, लेकिन जगतपुर, नसीराबाद, अमावां, खीरों, गदागंज, रोहनियां, परशदेपुर सहित जिले के सभी कस्बों में कलेक्शन सेंटर के नाम अवैध कारोबार हो रहा है। कार्रवाई के नाम पर विभागीय अफसर खानापूरी तक सिमट गए हैं।
ऊंचाहार क्षेत्र में दीप, आरआर और अदेह केयर पैथोलॉजी वैध हैं, लेकिन रोहनियां व ऊंचाहार क्षेत्र में 35 पैथोलॉजी व कलेक्शन सेंटर चल रहे हैं। एनटीपीसी गेट, सीएचसी के सामने, खरौली मार्ग, मदारीगंज, रोहनियां सीएचसी व उमरन के पास, बाबूगंज, अरखा आदि स्थानों पर अवैध पैथोलॉजी धड़ल्ले से संचालित हैं। ब्लड की जांच के नाम पर मरीजों से मनमाने तरीके से रुपये की वसूली की जा रही है।
मरीजों के ब्लड की जांच के नाम पर सलोन, जगतपुर, डलमऊ क्षेत्रों में 25 से अधिक पैथोलॉजी संचालित हैं। डलमऊ में कमला केयर और सलोन में जियो इंवेशन पैथोलॉजी के पास लाइसेंस है। जगतपुर में भी बिना लाइसेंस के अवैध तरीके से ब्लड की जांच की जा रही है। मरीजों से मुंह मांगा रुपया भी वसूला जा रहा है, लेकिन ब्लड की जांच रिपोर्ट सही न आने से मरीजों का इलाज भी सही ढंग से नहीं हो पा रहा है।
शहर में 32 पैथोलॉजी या कलेक्शन सेंटर दर्ज हैं, लेकिन 60 से अधिक निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर ब्लड के सैंपल भरे जा रहे हैं। इस गोरखधंधे को रोक पाने में विभाग पूरी तरह से नाकाम है। बछरावां में सात पैथोलॉजी के लाइसेंस जारी हैं, लेकिन 20 से अधिक सेंटरों का संचालन हो रहा है। समय से ब्लड के सैंपलों की जांच न होने के कारण सही रिपोर्ट भी नहीं आ पा रही है। ऐसे में मरीज ठगे जा रहे हैं।