फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंकज प्रसून को काव्य पाठ के लिए कैंब्रिज से बुलावा

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। राजधानी के मशहूर कवि और व्यंग्यकार पंकज प्रसून की कविताएं एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय फलक पर गूंजेंगी। पंकज को कैंब्रिज विश्वविद्यालय की ओर से काव्य पाठ के लिए बुलावा आया है। यह कार्यक्रम कोविड की वजह से वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन कैंब्रिज के एशियन और मिडिल ईस्टर्न विभाग के प्रो. ऐशवर्ज कुमार करेंगे। कार्यक्रम में पोलैंड की कवयित्री एलिक्जा, इजराइल से लडमिला के बोतेरेब और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. पद्मेश गुप्ता भाग ले रहे हैं।
विज्ञापन

आयोजक कैंब्रिज यूनिवर्सिटी इंडिया सोसायटी के अध्यक्ष निशांत सक्सेना के अनुसार, पंकज प्रसून का चयन उनके व्यंग्य और विज्ञान मिश्रित कविताओं के आधार पर किया गया है। वह सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के तमाम सोशल मीडिया प्लेटफ ॉर्म के जरिये देखा जा सकेगा। कैंब्रिज विश्वविद्यालय इंडिया सोसायटी की स्थापना देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी। यह कैंब्रिज का सबसे बड़ा संगठन है, जो भारत और कैंब्रिज के बीच सांस्कृतिक सेतु बनाने का कार्य कर रहा है।
अनुपम खेर ने टाइम्स स्क्वॉयर से पढ़ी थी उनकी कविता
बैसवारे में जन्मे पंकज पिछले 15 सालों से लखनऊ में ही रह रहे हैं। उनकी अब तक 7 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी कविताओं में संवेदना के साथ समसामयिक राजनीतिक विषयों पर चुटीले व्यंग्य होते हैं। कोविड काल में उनकी ‘कोरोना शायरी’ भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। पंकज प्रसून को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान से दो बार उनकी दो किताबों के लिए सम्मानित किया जा चुका है। उनकी कविता ‘लड़कियां बड़ी लड़ाका होती हैं’ को अनुपम खेर ने टाइम्स स्क्वॉयर न्यूयॉर्क से पढ़ा था। उनको हाल ही में लखनऊ विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह में सम्मानित 50 पूर्व छात्रों में स्थान दिया था। पंकज प्रसून पेशे से केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान लखनऊ में तकनीकी अधिकारी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें