मशहूर शायर मलिकजादा मंजूर अहमद का लखनऊ के जगरानी अस्पताल में इंतकाल हो गया। वह लंबे अरसे से बीमार चल रहे थे।
मंजूर अहमद ने उर्दू का मसाला, कॉलेज गर्ल, मौलाना अबुल कलाम आजाद और शहर-ए-सितम जैसे कई पुस्तकें लिखी थीं।
उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग में बतौर प्रोफेसर भी अपनी सेवाएं दी हैं। वह उत्तर प्रदेश उर्दू एकेडमी के अध्यक्ष भी रहे हैं।
एक प्राइमरी टीचर के घर जन्मे मंजूर अहमद अपनी गजलों और नज्मों के बदौलत हमेशा लोगों के दिलों में राज करते रहेंगे।