लखनऊ। चारबाग स्थित रवींद्रालय में चल रहे लखनऊ पुस्तक मेले के छठे दिन बुधवार को हिंदी साहित्य, तकनीक और अंग्रेजी के साथ उर्दू की किताबों की खूब मांग रही। दिन में कई पुस्तकों के विमोचन के साथ इन पर चर्चा और काव्य समारोह का आयोजन भी किया गया।
डॉ. राखी बख्शी और मनीष शुक्ल की ओर से संपादित पुस्तक अफसाना लिख रहा हूं... का विमोचन पूर्व मंत्री व विधायक अनुपमा जायसवाल ने किया। राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष गिरीशचंद्र मिश्र, उप्र संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह और लविवि के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. सौरभ मालवीय व श्रीधर अग्निहोत्री मौजूद रहे।
इससे पहले साहित्य वीथिका की मंजूषा श्रीवास्तव मृदुल के संयोजन और राजेश मेहरोत्रा राज के संचालन में काव्य ष्ठी हुई। प्रतिभा गुप्ता, निशा नवल, मीनाक्षी पीयूष, पूजा श्रीवास्तव, श्वेता श्रीवास्तव, शालिनी सिन्हा, आलोक रावत आहत, जितेंद्र पाल सिंह दीप, संदीपिका दीक्षित, वर्षा श्रीवास्तव, कौसर और ज्योति किरन रतन ने रचना पाठ किया।
नवसृजन के तत्वावधान में पुष्पा गुप्ता दोसर के लघुकथा संग्रह चित चिन्मय व कविता संग्रह भावांजलि अंतरंग गूंज के साथ अनिल किशोर शुक्ल की कृति मेरे अष्टपदी अगीत का विमोचन हुआ। सुल्तान शाकिर हाशमी व नरेंद्र भूषण के साथ मंजू सक्सेना और त्रिवेणी प्रसाद दुबे मनीष ने भी कृतियों पर विचार व्यक्त किए। शाम को मीर तकी मीर फाउंडेशन की ओर से आयोजित मुशायरे में शायरों ने अपने कलाम से श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।