औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना
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प्रदेश सरकार ने उद्योगों को सुरक्षित ईंधन उपलब्ध कराने की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है। पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं।
औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने बताया कि औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में प्राकृतिक गैस के नेटवर्क के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम होगा। इसके लिए प्राधिकरणों को अधिकृत गैस कंपनियों को अनुमति व सुविधा देने के आदेश दे दिए गए हैं। इससे प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित इकाइयों को सुरक्षित ईंधन की आपूर्ति होगी और पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने बताया कि पीएनजी नेटवर्क के विकास के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा), यूपीसीडा, गीडा, सीडा तथा लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण (लीडा) को गैस कंपनियों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है। पीएनजी सुरक्षित होने के साथ ही सस्ती भी पड़ती है। इससे भंडारण और परिवहन के व्यय की बचत होती है।
आलोक ने बताया कि पाइपलाइन डालने की कार्यवाही नगर विकास विभाग द्वारा अधिसूचित खुदाई एवं पुनर्स्थापन नीति के अंतर्गत की जाएगी। गैस आपूर्ति के लिए भूमिगत पाइपलाइन डालने में ऐसी तकनीक का उपयोग होगा जिससे यातायात व सामान्य कार्यकलाप में बाधा न पड़े। पिट या चैंबर की स्थापना की अनुमति से पूर्व कंपनी को बैंक गारंटी जमा करनी प्रदेश सरकार ने उद्योगों को सुरक्षित ईंधन उपलब्ध कराने की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है।
प्रमुख राजमार्गों को ग्रीन कॉरिडोर में बदलने की पहल शुरू
प्रदेश सरकार ने परिवहन क्षेत्र में प्रदूषण रहित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख राजमार्गों को ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर में बदलने के लिए भी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने बताया कि यूपीसीडा को निर्देश दिए गए हैं कि प्राधिकरण अपने क्षेत्र में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की आपूर्ति के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी को आवश्यक सुविधाएं स्थापित करने में सहयोग दें।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर बिल्हौर में 4,875 वर्ग मी. भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने बताया कि नगर विकास विभाग द्वारा प्रदेश के 15 प्रमुख नगरों में 1,525 सीएनजी बसें संचालित करने का निर्णय किया गया है। इसके लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के लिए 37 गैस कंपनियों को अधिकृत किया गया है।