फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम मोदी 17 फरवरी को झांसी में रखेंगे डिफेंस कॉरिडोर की नींव, घोषणा के एक वर्ष में शुरू होगा काम

Sat, 02 Feb 2019 02:33 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
PM Narendra Modi - फोटो : PTI
विज्ञापन

आजादी के 72 वर्ष बाद भी विकास की दृष्टि से पिछड़े बुंदेलखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 फरवरी को झांसी में डिफेंस कॉरिडोर की नींव रखेंगे। इसके साथ ही इस क्षेत्र के विकास का नया अध्याय शुरू होगा। पहले चरण में बुंदेलखंड के चित्रकूट, जालौन, झांसी के साथ ही अलीगढ़ में भी कॉरिडोर का काम शुरू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश औद्योगिक एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण (यूपीडा) ने कॉरिडोर के शिलान्यास की तैयारियां शुरू कर दी हैं। 

विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 21 फरवरी को राजधानी लखनऊ में हुई उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट के उद्घाटन समारोह में डिफेंस कॉरिडोर स्थापित करने की घोषणा की थी। राज्य सरकार ने पीएम मोदी से ही 17 फरवरी 2019 को इसका शिलान्यास कराने की तैयारी की है। कॉरिडोर में हथियार और रक्षा उपकरणों के कारखाने स्थापित किए जाएंगे। इससे करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

यूपीडा ने डिफेंस कॉरिडोर के लिए 5 हजार हेक्टेयर से अधिक सरकारी और किसानों की भूमि चिह्नित की है। डिफेंस कॉरिडोर का सबसे बड़ा केंद्र झांसी होगा। यहां 3000 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। पहले चरण में 500 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। यूपीडा इसी सप्ताह झांसी में जमीन अधिग्रहण शुरू क रेगा। चित्रकूट में 300 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। वहां पहले चरण में 250 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होगा। जालौन में 250 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। वहां पहले चरण में 200 हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत की जाएगी। अलीगढ़ में 100 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है, वहां पहले चरण में मात्र 48 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।  
विज्ञापन


राज्य सरकार ने दिए 500 करोड़ रुपये
राज्य सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर के लिए यूपीडा को 500 करोड़ रुपये दिए हैं। यूपीडा को इसी राशि से कॉरिडोर का काम शुरू करना होगा। उसने डिफेंस कंपनियों को भूखंड बेचकर उससे होने वाली आय से ही आगे जमीन का अधिग्रहण और कॉरिडोर को विकसित करने के निर्देश दिए हैं।

देशी-विदेशी कंपनियां लगाएंगी कारखाने
यूपीडा के अधिकारी ने बताया कि कॉरिडोर बनने के बाद देश और विदेश में रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा। जिलों में क्लस्टर तय किए जाएंगे कि कौन-सा उद्योग कहां स्थापित कराया जाए।

बोइंग विमान भी बन सकते हैं
डिफेंस कॉरिडोर में बोइंग विमान का प्लांट भी स्थापित किया जा सकता है। गत 11 अगस्त को अलीगढ़ में आयोजित डिफेंस समिट में बोइंग विमान से जुड़ी कंपनी के अधिकारी ने डिफेंस कॉरिडोर में प्लांट लगाने का प्रस्ताव रखा था। बंगलूरू में 20 से 24 फरवरी तक एयरो इंडिया शो होगा। यूपी सरकार के अधिकारी वहां जाकर रक्षा उत्पाद और उपकरण बनाने वाली कंपनियों को डिफेंस कॉरिडोर में प्लांट लगाने के लिए आमंत्रित करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें