नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली बड़ी सभा आज लखनऊ में हुई। प्रधानमंत्री की फ्लीट लखनऊ 2.07 बजे पहुंची और वह 2.09 मिनट पर कार्यक्रम स्थल पहुंचे। उनके पहुंचते ही भीड़ में जोश दिखाई दिया, हर-हर मोदी और भारत माता की जय के नारे लगने लगे। इस बीच राजनाथ सिंह ने अपना संबोधन दिया। पीएम मोदी 2.35 मिनट पर मंच पर पहुंचे फिर कुछ देर तक शांत रहकर उन्होंने सभास्थल पर नजर दौड़ाई इसके बाद उन्होंने कहा कि इतनी रैलियां संबोधित कीं लेकिन इतनी भीड़ पहली बार देखी है। पूरे भाषण के दौरान उन्होंने भारत सरकार की योजनाएं और काम गिनाए तो विरोधियों पर निशाना भी साधा।
ये बोले मोदी
मैं कई वर्षों से राजनीति में हूं। भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर संगठन का कार्य मिला। मुख्यमंत्री के रूप में काम करने का अवसर मिला। प्रधानसेवक के रूप में आपकी सेवा करने का अवसर मिला लेकिन इतने सालों में इतनी बड़ी रैली का संबोधन का अवसर अब तक नहीं मिला। मैं जब लोकसभा इलेक्शन में था तब भी ऐसा दृश्य देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इतनी संख्या में आने के लिए आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि मैं लखनऊ की धरती को प्रणाम करता हूं। अटल जी ने लखनऊ की जो सेवा की वो आज भी यहां महसूस होती है।
अटल जी और कल्याण सिंह अगर आज टीवी पर देखते होंगे तो हम सबको आशीर्वाद देते होंगे। भाइयों बहनों, आपने कमाल कर दिया। पॉलिटिकल पंडित चुनाव का हिसाब किताब लगाते हैं। यूपी का चुनाव किस दिशा में जाएगा उसका हिसाब करने वालों को अब मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। हवा का रुख अब साफ है। सरकार बदलने के छह महीने बाद लोग पुरानी सरकार को भूल जाते हैं लेकिन मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि भाजपा की जो सरकारें चलीं आज 14 साल भी यूपी के लोग उसे याद करते हैं और वर्तमान सरकारों के साथ तुलना करते हैं। बीते दिनों टीवी पर कुछ लोगों को कहते सुना कि बीजेपी का 14 साल का वनवास खत्म होगा। मुद्दा वनवास का नहीं है। मुद्दा 14 साल के लिए यूपी में विकास का वनवास हो गया है।
बताया, ऐप का नाम क्यों रखा भीम
मोदी
- फोटो : amar ujala
मोदी ने मौजूदा यूपी सरकार पर विकास में बाधा बनने का आरोप लगाया और कहा, क्या यही खेल खेलते रहोगे क्या? जब से दिल्ली में हमारी सरकार बनी है यूपी सरकार को हर बार 1 लाख करोड़ रुपये ज्यादा रकम मिली है। ढाई साल में ढाई लाख करोड़ रुपए कम नहीं होता। अगर दिल्ली सरकार के रुपयों का सही उपयोग हुआ होता तो यूपी कहां से कहां पहुंच गया होता। दो दलों के बीच में राजनीति समझी जा सकती है लेकिन जनता के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए। जब ऐसा होता है तो विकास रुक जाता है।
आज मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि भारत सरकार से पूरी मदद मिलने के बाद किसानों के लिए फुरसत नहीं थी। हमें किसानों की ऐसी हालत मंजूर नहीं है। इसके लिए परिवर्तन लाना जरूरी है।
क्या राजनीति इतनी नीची गई है अम्बेडकर और रमाबाई को प्रणाम करने में गर्व महसूस होता है लेकिन हमने बीते दिनों रुपयों के लेन-देन के लिए भीम नाम की ऐप लॉन्च भीम को आर्थिक लेन-देन के हिसाब-किताब में महारथ हासिल की थी। इतने साल पहले इस महापुरुष को रुपए के भविष्य का पता था अगर ऐसे महापुरुष के नाम पर ऐप चले तो किसी के पेट में चूहे क्यों दौड़ रहे हैं। मैं चाहता हूं आप इस ऐप को गांव-गांव तक पहुंचाएं।
एक्सप्रेस वे के निर्माण में हुआ भ्रष्टाचार
अमित शाह
रैली की शुरुआत में स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा और सपा को ललकारा वहीं अनुप्रिया पटेल ने भी भाषण में यूपी में सुशासन लाने की बात कही। इसी बीच अमित शाह भी मंच पर पहुंच गए। अमित शाह ने कहा, इतनी भीड़ को देखकर लोग पूछ रहे हैं दूसरा नंबर किसका आने वाला है।
ये बोले अमित शाह
-परिवर्तन यात्रा ने जन-जन तक प्रचार किया
-युवाओं को यूपी में रोजगार नहीं मिल पा रहा
-हम उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाएंगे
-बीजेपी शासित राज्यों में 24 घंटे बिजली मिल रही है
-देश के 10 प्रदेशों में बीजेपी सरकार है
-सपा-बसपा ने प्रदेश को तबाह करके रख दिया
-सबसे तेज-तर्रार युवा यूपी का है
-युवाओं को यूपी में रोजगार नहीं मिल रहा
-आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे में भ्रष्टाचार हुआ
-इससे लंबे हाईवे मोदी जी ने उत्तराखंड में बनवाए हैं और इसकी लागत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से कम है
-मोदी सरकार पर एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा।
-मोदी जी की लोकप्रियता न बढ़ जाए इसलिए यूपी सरकार योजनाए यहां आने नहीं दे रही।
-मोदीजी यूपी वाले हैं।
पुलिसभर्ती पर उठाए सवाल
राजनाथ सिंह
- फोटो : amar ujala
ये बोले राजनाथ
-यहां वैसा विकास नहीं हुआ जैसा होना चाहिए था।
-भ्रष्टाचार के साथ कानून के हाल बदतर हो गए हैं। किसानों को धान और गेहूं औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है।
-राजनाथ सिंह ने यूपी के गरीबों किसानों की चिंता कर उनके लिए योजनाएं देने के लिए धन्यवाद दिया।
- प्रदेश में पुलिस भर्ती में इंटरव्यू के नाम पर जबरदस्त धांधली हुई, भाजपा की सरकार आएगी तो इंटरव्यू खत्म कर दिया जाएगा।
-सत्ता नहीं व्यवस्था का परिवर्तन चाहते हैं
-सपा, बसपा, कांग्रेस सभी गठबंधन की जुगाड़ में लगे हैं। सपा में तो दंगल लगा है यूपी की जनता को दंगल नहीं चाहिए।
-275 सीटों से विजयी बनाकर विकास का मार्ग प्रशस्त करें।
चुनावी कामयाबी का देंगे संदेश
मोदी की रैली में जुटे लोग
- फोटो : amar ujala
भाजपा ने जिस तरह रैली में प्रदेश भर से अपने हर बूथ के कार्यकर्ता को लाने की रणनीति बनाई है, उससे अंदाजा लगाया जा रहा था कि मोदी विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले इन कार्यकर्ताओं को चुनावी कामयाबी का संदेश भी देंगे।
माना जा रहा था वह अपनी सरकार के कामकाज और विपक्ष की नाकामियों को आमजन तक पहुंचाने का तरीका भी बता सकते हैं। यह रैली चुनाव की घोषणा के पहले भाजपा की राजधानी में सबसे बड़ी व आखिरी रैली साबित हो सकती है।
भाजपा ने रैली स्थल को अपने कार्यकर्ताओं से भरने के लिए जोरदार तैयारी की थी। पहले यह रैली सूबे में निकाली गई चार परिवर्तन यात्राओं के समापन पर 24 दिसंबर को होनी थी। लेकिन, इसमें बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को बुलाने की योजना बनने पर उस दौरान संगठन की अन्य गतिविधियों में कार्यकर्ताओं की व्यस्तता की वजह से यह रैली टाल दी गई। वही रैली अब हो रही है। बता दें कि परिवर्तन यात्राओं की शुरुआत 5 नवंबर को सहारनपुर से हुई थी।
हर बूथ से पहुंचे कार्यकर्ता
मोदी
- फोटो : amar ujala
भाजपा ने रैली में हर बूथ से अपने कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई थी। सूबे में उसकी करीब सवा लाख बूथ इकाइयां सक्रिय हैं। भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक ने बताया कि रैली में कार्यकर्ताओं को फोकस में रखा गया।
प्रयास था कि हर बूथ के कार्यकर्ता और पूरी बूथ समिति की भागीदारी हो। कम से कम दो कार्यकर्ता हर बूथ से आएं हैं। पार्टी ने इन कार्यकर्ताओं को क्षेत्रवार अलग-अलग रंग में प्रवेशिका देने की व्यवस्था की गई थी।
प्रदेश प्रभारी ओम माथुर और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने खुद रैली की तैयारी की थी।
विरोधियों पर साधा निशाना
नरेंद्र मोदी
- फोटो : amar ujala
मोदी ने कहा, एक दल ऐसा है जो अपने बेटे को स्थापित करने के लिए पिछले 15 साल से स्थापित कर रहा है लेकिन दाल गलती नहीं नजर आ रही। दूसरा दल पैसे रखने की चिंता में है। दूर-दूर की बैंकें खोज रहे हैं कि पैसा कहां ठिकाने लगाएं। एक दल, परिवार का क्या होगा... इसी में लगा हुआ है।
अब यूपी की जनता को तय करना है कि पैसों को बचाने के लिए जो लगे हैं वो यूपी को बचा पाएंगे क्या? एक तरफ परिवार में उलझी पार्टी बस भाजपा ही जो यूपी को बचा सकती है। यूपी में आधा-अधूरा परिवर्तन मत करना। भारी बहुमत के साथ परिवर्तन करना ताकि कोई रुकावट न आए। मैंने नोटबंदी के 50 दिन बाद गरीबों के लाभ, उनके घर, प्रसूताओं के लिए योजनाएं बनाईं। लोगों को इससे भी तकलीफ हुई। मोदी पैसा ले ले इससे भी परेशानी हुई। मोदी पैसा दे इससे भी परेशानी हुई। भाइयों-बहनों मैं एक बात कहना चाहूंगा कि यूपी का प्रभाव का पूरे हिंदुस्तान पर होता है। ये चुनाव बहुत जिम्मेदारी का है। जो हमारे साथ हैं उनका भी भला हो, जो साथ नहीं है उनका भी भला है। भाजपा के लिए कुछ कर दिखाने का चुनाव है।
पूर्ण बहुमत की सरकार बने, इतनी सीमित सोच हमारी नहीं है। हिंदूस्तान का भाग्य बदलने के लिए पहले यूपी का भाग्य बदलना पड़ेगा। इसलिए भारत को आगे बढ़ना है तो यूपी का आगे बढ़ना आवश्यक है।