कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि कृषकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 12 वीं किस्त जरूर दी जाएगी लेकिन स्थलीय सत्यापन पूरा होने के बाद। उन्होंने बताया कि अभी तक हुए सर्वे में प्रदेश में 21 लाख किसान जांच में अयोग्य पाए गए हैं। नई सूची बनने केबाद किसानों को यह रकम जारी कर दी जाएगी।
प्रदेश में इस योजना में दो करोड़ 85 लाख किसानों को पात्र माना गया था। उन्हें इस योजना के तहत लाभ दिया जा रहा था लेकिन शिकायतें मिलने के बाद प्रारंभिक जांच हुई। ऐसे में पता चला कि 77 हजार मृत किसानों के खाते ही निधि भेज दी गई। इसके अलावा लाखों अपात्र भी इस निधि का लाभ ले रहे हैं। इसके बाद पूरे प्रदेश के राजस्व गांवों में इस योजना के लिए टीमों से सर्वे शुरू करा दिया गया। 96459 गांवों में यह सत्यापन चल रहा है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के मुताबिक जिन अपात्र लोगों को यह निधि दे दी गई, उनसे इसकी वसूली होगी।
रोक लगी है तो कैसे हो पाएगी वसूली
21 लाख किसानों से रकम वसूली के निर्देश तो दिए गए लेकिन सूखे का सर्वे होने के कारण प्रदेश में भू राजस्व वसूली पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में फिलहाल निधि को वसूल करना भी मुश्किल होगा। हालांकि किसानों का भूलेख अंकन और स्थलीय सत्यापन का काम पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। जो अपात्र हैं उनके नाम काट दिए जाएंगे। बताया जा रहा है कि एक बार सत्यापन पूरा हो जाए फिर वसूली पर भी मंथन होगा।