एलडीए में सामने आया भूखंड समायोजन घोटाला, गोमतीनगर विस्तार में ईडब्ल्यूएस के बदले दे दिए पांच गुना बड़े भूखंड
एलडीए में एक बार फिर भूखंड समायोजन घोटाला पकड़ा गया है। वीसी ने ऐसे पांच समायोजन निरस्त कर इसकी जांच खुद सचिव से करने के लिए कहा है।
चार मामलों में तो ईडब्ल्यूएस भूखंड या मकान की जगह छह गुना तक अधिक बड़े भूखंड पहले से बेहतर आवासीय योजना में दिए गए थे।
वीसी प्रभु एन सिंह का कहना है कि नियम ताक पर रखकर भूखंड समायोजन करने वालों पर कार्रवाई होगी।
एलडीए के नियमों में आवंटित भूखंड या भवन से केवल एक स्तर ऊपर (जैसे ईडब्ल्यूएस से एलआईजी) ही समायोजन किया जा सकता है।
हालांकि, इन मामलोें में दो से अधिक स्तर ऊपर जाकर समायोजन किए गए। वहीं, योजना भी समायोजन में नहीं बदली जा सकती है।
इसके उलट जानकीपुरम या शारदानगर योजना से सीधे गोमतीनगर विस्तार में समायोजन कर दिए गए। ऐसा तब किया जब वहां के आवंटी ही सालों से भटक रहे हैं।
सचिव मंगला प्रसाद सिंह पूरे प्रकरण में जांच कर रिपोर्ट देंगे। पड़ताल के दौरान वे जिम्मेदारों को भी चिह्नित करेंगे।
घोटाले में एक आवंटी दीपक को गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-6 में आवंटित 115.50 वर्गमीटर से गोमतीनगर के विकल्पखंड-3 में समायोजन कर 200 वर्गमीटर का भूखंड दिया गया। इसे निरस्त कर मूल जगह पर सेक्टर-6 में ही 115.50 वर्गमीटर का भूखंड दिया गया है।
पूर्व वीसी का आया नाम
इस समायोजन घोटाले में जो फाइलें पकड़ी गई हैं, उनमें पूर्व वीसी सत्येंद्र सिंह का नाम सामने आया है। वहीं, इससे पहले योजना बदलने के लिए आदेश पूर्व सचिव राम विलास यादव के हस्ताक्षर से होना बताया गया है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि जाली हस्ताक्षर या स्कै न किए हुए हस्ताक्षर से ऐसा किया गया हो। इस पहलू की जांच भी सचिव करेंगे।
30 से सीधे 150 वर्गमीटर का भूखंड
मोतीझील निवासी राकेश कुमार वर्मा को 1995 में शारदानगर योजना के रजनीखंड में 30 वर्गमी. का ईडब्ल्यूएस भूखंड 5/159 आवंटित हुआ। 2001 में आवंटन पैसा जमा नहीं होने से यह निरस्त हो गया। 2007 में आवंटी की मांग पर तत्कालीन वीसी ने इसकी जगह गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-6 में 150 वर्गमी. का भूखंड 6/डी-764 समायोजित करके दे दिया। इसके पांच साल बाद पैसा जमा हुआ। वहीं, 2018 में रजिस्ट्री को आवेदन किया गया। इसी तरह अमीनाबाद पार्क निवासी कृष्ण प्रकाश तिवारी को 2001 में आवंटन निरस्त होने के बाद 2016 में प्रार्थना पत्र पर समायोजन कर सेक्टर-1 में 115.50 वर्गमी. का भूखंड 1/758ई दे दिया गया। इसके विवादित होने पर फि र से सेक्टर-4 में भूखंड 4/638 समायोजित कर दे दिया गया। इसका आकार अब 162 वर्गमीटर हो गया है। एक और मामले में आशा दीक्षित को पूर्व में आवंटित 36.75 वर्गमी. के ईडब्ल्यूएस भवन 4/556 की जगह विकासखंड में 115.50 वर्गमीटर का भूखंड 5/620 समायोजित कर दे दिया गया।
जानकीपुरम से गोमतीनगर विस्तार में मिला भूखंड
वीसी के आदेश के मुताबिक सहारा इंडिया भवन कपूरथला निवासी मधु सक्सेना को जानकीपुरम योजना में 30 वर्गमीटर का ईडब्ल्यूएस भवन 3/865 आवंटित हुआ। 1994 में पैसा जमा नहीं होने पर आवंटन निरस्त कर दिया गया। आवंटी के नौ साल बाद प्रार्थना पत्र पर बाद में सीधे गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-6 में तीन स्तर ऊपर 2007 में 6/डी-761 कर दिया गया। अब आवंटी ने कब्जा लेकर अपनी रजिस्ट्री कराने के लिए एलडीए में आवेदन किया है।
प्राधिकरण करेगा सख्त कार्रवाई
एलडीए के वीसी प्रभु एन सिंह ने बताया कि नियम के विरुद्ध हुए पांच में से चार समायोजन को निरस्त कर दिया गया है। वहीं, एक मामले में मूल जगह पर ही भूखंड दिया गया है। इस प्रकरण में एक स्तर बड़ा ही भूखंड दिया गया था। सभी मामलों की जांच का आदेश सचिव को दिया गया है, जिससे जिम्मेदारों को भी चिह्नित किया जा सके। इस पर प्राधिकरण सख्त कार्रवाई करेगा। ऐसे मामलों को माफ नहीं किया जा सकता है।