लखनऊ। प्लीज, कुछ मत पूछिए, मैं बोल नहीं पाऊंगा... यह कहते हुए भुवन श्रीवास्तव का गला भर आया और आंसू छलक पड़े। डालीगंज निवासी भुवन ने अलीगंज में सोमवार को हुए अग्निकांड के दौरान खिड़की से कूदकर अपनी जान तो बचा ली, लेकिन ममेरे भाई सीतापुर के बिसवां के आदित्य श्रीवास्तव की मौत के गम ने उन्हें तोड़ दिया है।
घायल भुवन अपना दर्द भूलकर मंगलवार दोपहर ममेरे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने बिसवां पहुंचे। उनके मुंह से शब्द नहीं निकल रहे थे, सिर्फ आंसू बह रहे थे। परिजनों ने उन्हें सांत्वना दी। लोगों ने उनसे घटना के बारे पूछने का प्रयास किया, पर भुवन ने सिर हिलाकर कुछ भी बोलने से मना कर दिया।
काश, खिड़की से कूद जाता आदित्य...
आदित्य की बहन श्रेष्ठा ने बताया कि जब बिल्डिंग में आग लगी तो बुआ के बेटे भुवन खिड़की से कूद गए। उन्होंने आदित्य से भी कूदने के लिए कहा, पर उसने ऐसा नहीं किया। काश, आदित्य खिड़की से कूद जाता।